जस्टिस जयश्री ठाकुर के पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल में को-ऑप्शन पर आपत्ति खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
Amir Ahmad
23 Sept 2026 1:52 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस जयश्री ठाकुर को पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य के रूप में को-ऑप्ट किए जाने के खिलाफ दाखिल आपत्ति खारिज की।
आपत्ति इस आधार पर उठाई गई थी कि जस्टिस जयश्री ठाकुर इससे पहले स्टेट बार काउंसिल के चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इन चुनावों से जुड़े चुनाव संबंधी मामले पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस हेमा कोहली की अध्यक्षता वाले इलेक्शन ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित हैं।
यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ (CJI) इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के समक्ष आया। यह बेंच हाल में हुए चुनावों के बाद बार काउंसिल के गठन की प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।
जस्टिस जयश्री ठाकुर के को-ऑप्शन का विरोध करने वाले पक्ष की ओर से दलील दी गई कि चूंकि उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की थी और चुनाव से जुड़े विवाद अभी लंबित हैं, इसलिए बाद में उन्हें बार काउंसिल का सदस्य बनाए जाने पर सवाल उठ सकते हैं।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस आपत्ति में कोई दम नहीं पाया और जस्टिस जयश्री ठाकुर के नामांकन का जोरदार बचाव किया।
उन्होंने आपत्ति करने वाले पक्ष से पूछा,
“आप लोगों को समस्या क्या है?”
चीफ जस्टिस ने जस्टिस जयश्री ठाकुर को बेहतरीन जजों में से एक और सबसे मजबूत जजों में से एक बताते हुए कहा कि पंजाब के लिए उनका नामांकन अच्छी तरह स्वीकार किया गया। उन्होंने टिप्पणी की कि वे बहुत खुश हैं कि वह वहां हैं। लोग उनसे डरते हैं।
जस्टिस जयश्री ठाकुर का को-ऑप्शन सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के तहत किया गया, जिनके तहत प्रत्येक स्टेट बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों को को-ऑप्ट किया जाना था। इन सदस्यों का चयन पूर्व महिला हाईकोर्ट जस्टिस या प्रतिष्ठित वरिष्ठ महिला वकीलों में से किया जाना था।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने बार काउंसिल के लिए दो महिला सदस्यों के तौर पर जस्टिस जयश्री ठाकुर और सीनियर एडवोकेट गुरशरण कौर मान को नामित किया।
सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति खारिज करते हुए जस्टिस जयश्री ठाकुर के पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में को-ऑप्शन पर रोक लगाने का आधार नहीं माना।

