राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की याचिका का निपटारा किया, राज्य ने 20 दिन की पैरोल के आदेश का पालन किया

  • राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की याचिका का निपटारा किया, राज्य ने 20 दिन की पैरोल के आदेश का पालन किया

    राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के खिलाफ दायर उस अवमानना ​​याचिका का निपटारा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राज्य ने आसाराम को 20 दिन की पैरोल देने के कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया।

    यह देखते हुए कि राज्य ने आदेश का काफी हद तक पालन कर लिया है, जस्टिस नूपुर भाटी और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा,

    "इस कोर्ट ने प्रतिवादी-राज्य के वकील की दलीलों पर विचार किया है और अनुपालन रिपोर्ट के साथ-साथ 28.10.2026 के कार्यालय आदेश को देखा है। इससे यह साबित होता है कि आवेदक को वास्तव में 08.10.2026 को 20 दिनों की अवधि के लिए पैरोल पर रिहा किया गया, जो कि कोर्ट के 03.08.2026 के आदेश के अनुरूप था। भले ही आवेदक ने 27.10.2026 के बजाय 28.10.2026 को सरेंडर किया लेकिन इससे इस तथ्य पर कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसे इस कोर्ट द्वारा तय की गई अवधि के लिए पैरोल का लाभ मिल चुका है। इन परिस्थितियों में कोर्ट संतुष्ट है कि 03.08.2026 के आदेश में दिए गए निर्देशों का काफी हद तक पालन किया जा चुका है और अब इस विविध आवेदन में किसी और निर्देश की आवश्यकता नहीं है। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए इस मामले में अब और सुनवाई की जरूरत नहीं है। इसलिए यह विविध आवेदन अब निष्प्रभावी हो गया है और इसका निपटारा किया जाता है।"

    इससे पहले, कोर्ट ने राज्य को 3 अगस्त के अपने आदेश का पालन करने का निर्देश दिया, जिसके तहत बलात्कार के दोषी आसाराम को 20 दिन की पैरोल दी गई।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा आसाराम की आपातकालीन पैरोल की अर्जी खारिज किए जाने का, इस कोर्ट के आदेश का पालन करने की राज्य की जिम्मेदारी पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है।

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