83 वर्षीय महिला से 80 लाख की ठगी: डिजिटल अरेस्ट मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत ठुकराई

Amir Ahmad

3 April 2026 12:25 PM IST

  • 83 वर्षीय महिला से 80 लाख की ठगी: डिजिटल अरेस्ट मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत ठुकराई

    राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बड़े साइबर ठगी मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कथित मुख्य साजिशकर्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। मामला 83 वर्षीय महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब 80 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है।

    जस्टिस समीर जैन की पीठ ने कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है और इसका समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है इसलिए ऐसे मामलों में समझौते के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।

    अदालत ने यह भी पाया कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत समझौता स्वयं उसके द्वारा हस्ताक्षरित नहीं था बल्कि उसके पिता ने उस पर हस्ताक्षर किए, जो इसे और संदिग्ध बनाता है।

    राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का मुख्य संचालक है, जो कई फर्जी खातों (म्यूल अकाउंट) के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर करता था और हवाला माध्यम से लेन-देन करता था। ठगी की रकम का उपयोग बिटकॉइन खरीदने में भी किया गया।

    अदालत ने कहा कि यह मामला एक संगठित और सुनियोजित अपराध को दर्शाता है, जिसमें कई लोग शामिल हैं और इसका अंतरराष्ट्रीय पहलू भी है।

    अदालत ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि आरोपी ने एक वृद्ध महिला को निशाना बनाकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते वह गंभीर तनाव में आ गईं और अस्पताल तक पहुंच गईं।

    जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि ऐसे गंभीर आर्थिक अपराधों में सामाजिक प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    साथ ही हाईकोर्ट ने पीड़िता की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राहत भी दी। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि जब्त की गई लगभग 13 लाख रुपये की राशि 7 दिनों के भीतर उचित शर्तों के साथ महिला को वापस दी जाए।

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