S.480 BNSS | केवल महिला होने से हत्या जैसे गंभीर मामलों में जमानत नहीं मिल सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

Amir Ahmad

15 May 2026 3:34 PM IST

  • S.480 BNSS | केवल महिला होने से हत्या जैसे गंभीर मामलों में जमानत नहीं मिल सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

    राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के गंभीर मामले में सास की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल महिला होने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती, विशेषकर तब जब आरोप बेहद गंभीर हों।

    जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की पीठ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 480 के तहत महिला होने के आधार पर राहत देने की दलील अस्वीकार की।

    अदालत ने रेखा के.सी. बनाम ज्योतिभाई मामले का हवाला देते हुए कहा कि केवल आरोपी का महिला होना जमानत का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता, खासकर तब जब उसके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हों।

    अदालत ने कहा,

    “सिर्फ इसलिए कि याचिकाकर्ता महिला है, उसे धारा 480 के प्रावधानों का लाभ देकर जमानत नहीं दी जा सकती, विशेष रूप से तब जब अपराध गंभीर प्रकृति का हो।”

    मामला एक विवाहित महिला की हत्या से जुड़ा है। आरोप है कि मृतका की गला दबाकर हत्या की गई और उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए उसे बिजली के झटके भी दिए गए। इस मामले में सास, पति और ससुर को आरोपी बनाया गया।

    याचिकाकर्ता सास की ओर से दलील दी गई कि उसके खिलाफ केवल एक बिजली का तार और मृतका की टूटी चूड़ियों की बरामदगी दिखाई गई। बचाव पक्ष ने कहा कि डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार मृतका के शरीर पर बिजली के झटकों से संबंधित चोटें नहीं थीं, इसलिए सास की भूमिका साबित नहीं होती।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

    अदालत ने कहा कि बिजली का तार और टूटी चूड़ियों की बरामदगी प्रथम दृष्टया यह मानने के लिए पर्याप्त आधार है कि आरोपी महिला की घटना में भूमिका हो सकती है।

    इन्हीं टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने सास की जमानत याचिका खारिज की।

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