NDPS मामले में आरोपी होने पर वाहन के पंजीकृत मालिक को अंतरिम सुपुर्दगी का अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
Amir Ahmad
5 Jan 2026 3:24 PM IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी NDPS (मादक पदार्थ) मामले में जब्त किए गए वाहन का पंजीकृत मालिक स्वयं उसी मामले में आरोपी है तो केवल स्वामित्व के आधार पर उसे वाहन की अंतरिम सुपुर्दगी (सुपरदारी) नहीं दी जा सकती।
जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा वाहन की अंतरिम रिहाई से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई।
FIR के अनुसार संबंधित वाहन से लगभग 52 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया। उक्त वाहन का पंजीकृत मालिक याचिकाकर्ता ही था और उसे सह-आरोपियों के साथ मामले में आरोपी भी बनाया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि जांच पूरी हो चुकी है और अब वाहन की जांच के लिए आवश्यकता नहीं है, इसलिए उसे अंतरिम रूप से रिहा किया जाना चाहिए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय बिश्वजीत डे बनाम असम राज्य का हवाला दिया, जिसमें NDPS मामलों में जब्त वाहनों की सुपुर्दगी से संबंधित परिस्थितियों को स्पष्ट किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि मादक पदार्थ वाहन के मालिक या उसके एजेंट (जैसे चालक या क्लीनर) के कब्जे से बरामद किया गया हो, तो ऐसे मामलों में वाहन की सुपुर्दगी नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, यदि मादक पदार्थ किसी चोरी के वाहन से या वाहन में सवार किसी तीसरे व्यक्ति से बरामद किया गया हो तो वाहन छोड़ा जा सकता है।
हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता स्वयं FIR में आरोपी है और मादक पदार्थ उसी वाहन से बरामद हुआ है, जिसका वह पंजीकृत मालिक है। ऐसे में यह मामला उन परिस्थितियों में आता है, जहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा वाहन की अंतरिम रिहाई की अनुमति नहीं दी गई।
इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

