एक ही FIR में दोबारा गिरफ्तारी पर कारण दोबारा बताना जरूरी नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
Amir Ahmad
21 April 2026 11:59 AM IST

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि एक ही FIR में दूसरी बार गिरफ्तारी होने पर पुलिस को हर बार गिरफ्तारी के कारण दोबारा देने की आवश्यकता नहीं होती, यदि पहले ही यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक बार आरोपी को गिरफ्तारी के आधार बता दिए जाएं तो कानून में उन्हें बार-बार दोहराने की कोई अनिवार्यता नहीं है।
जस्टिस जसजीत सिंह बेदी इस मामले में दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर अपनी दोबारा गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने और रिहाई की मांग की थी।
मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) और आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज FIR से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं को घटना के दिन ही गिरफ्तार किया गया और 4 फरवरी 2026 को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए जाने के चलते पहली गिरफ्तारी को अवैध घोषित कर दिया गया।
इसके बाद उन्हें रिहा किया गया, लेकिन उसी दिन शाम को अनुमति लेकर दोबारा गिरफ्तार किया गया और फिर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि दूसरी गिरफ्तारी से पहले उन्हें नए सिरे से गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए इसलिए यह गिरफ्तारी अवैध है।
हाईकोर्ट ने घटनाक्रम का विश्लेषण करते हुए पाया कि पहली पेशी के दौरान दोपहर 3:20 से 3:35 बजे के बीच याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में बता दिए गए। इसके बाद शाम 6:20 बजे दोबारा गिरफ्तारी हुई और रात 8:00 से 8:15 बजे के बीच उन्हें फिर से मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
कोर्ट ने दोहराया कि कानून के अनुसार गिरफ्तारी के कारण मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी से कम से कम दो घंटे पहले बताना आवश्यक है। इस मामले में यह शर्त पूरी हो चुकी थी, क्योंकि कारण पहले ही पर्याप्त समय पहले दिए जा चुके थे।
कोर्ट ने कहा,
“कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि एक ही FIR में हर गिरफ्तारी से पहले कारणों को दोबारा दिया जाए।”
साथ ही कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोप गंभीर हैं, जिनमें अदालत परिसर में गोलीबारी जैसी घटना शामिल है। इसके अलावा, कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है।
इन सभी तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की और दोबारा गिरफ्तारी को वैध ठहराया।

