आदेश लिखाते समय टोकने पर वकील को अवमानना नोटिस, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Amir Ahmad

4 May 2026 3:35 PM IST

  • आदेश लिखाते समय टोकने पर वकील को अवमानना नोटिस, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

    पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया, जिसने वर्चुअल सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा आदेश लिखाए जाते समय कार्यवाही में व्यवधान डाला और खुले तौर पर अदालत के विचारों पर आपत्ति जताई।

    जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा की खंडपीठ ने कहा कि अपील पर बहस पूरी हो चुकी थी। अदालत ओपन कोर्ट में आदेश लिखवा रही थी। उसी दौरान अपीलकर्ता की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित अधिवक्ता सुनील कुमार मुखी ने कार्यवाही में हस्तक्षेप शुरू किया।

    अदालत के अनुसार वकील ने आदेश लिखाने से रोकने का प्रयास किया और कहा कि अदालत जो दृष्टिकोण अपना रही है, वह सही नहीं है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि उनके मुवक्किल के साथ अन्याय किया जा रहा है तथा पुनर्विचार याचिका दायर करने की धमकी भी दी।

    खंडपीठ ने कहा कि वकील का आचरण प्रथम दृष्टया न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाला प्रतीत होता है और इससे अदालत की गरिमा प्रभावित होती है।

    अदालत ने आदेश में कहा कि यह सब खुले न्यायालय में हुआ, जिसे प्रतिवादी पक्ष के वकीलों ने भी देखा और उन्होंने अदालत से वर्चुअल सुनवाई सुविधा बंद करने का अनुरोध किया।

    हाईकोर्ट ने कहा कि वकील ने अदालत की मर्यादा की सीमाएं लांघीं, इसलिए उसे यह बताने के लिए नोटिस जारी किया जाता है कि उसके विरुद्ध न्यायालय अवमानना अधिनियम 1971 के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

    अदालत ने वकील को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 5 मई तय की।

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