फुटपाथ पर चलना मौलिक अधिकार, अतिक्रमण की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
Amir Ahmad
1 July 2026 5:01 PM IST

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना नगर निगम को शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमण की शिकायतों की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने देना नगर निगम का दायित्व है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।
यह जनहित याचिका स्थानीय समाचार पत्र अर्जन पत्रिका के संपादक जसबीर सिंह ने दायर की थी। याचिका में लुधियाना शहर में पैदल यात्रियों के लिए खराब होती सुविधाओं, फुटपाथों पर अतिक्रमण और प्रशासन की कथित निष्क्रियता का मुद्दा उठाया गया।
याचिकाकर्ता का कहना था कि शहर में फुटपाथों पर रेहड़ी-पटरी वालों और अन्य लोगों का बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। उचित योजना और रखरखाव के अभाव में पैदल चलने वालों को मजबूरन व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ता है, जिससे उनके सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
याचिका में यह भी कहा गया कि सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कई बार शिकायतें और स्मरण पत्र दिए गए, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि फुटपाथ पर चलने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(घ) के तहत आवागमन की स्वतंत्रता का हिस्सा है और यह एक मौलिक अधिकार है। इसमें सुरक्षित और स्पष्ट रूप से चिन्हित फुटपाथों तक पहुंच का अधिकार भी शामिल है। ऐसे मामलों में पैदल यात्रियों के अधिकार को मोटर वाहनों की आवाजाही पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हाईकोर्ट ने कहा,
"यह नगर निगम का दायित्व है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए विशेष रूप से निर्धारित फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न रहने दिया जाए।"
अदालत ने लुधियाना नगर निगम को निर्देश दिया कि वह अतिक्रमण संबंधी आरोपों की तत्काल तथ्यात्मक जांच करे और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे।
इन निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।

