हाईवे निर्माण में दखल नहीं दे सकता वक्फ ट्रिब्यूनल: पटना हाइकोर्ट का सख्त फैसला
Amir Ahmad
23 March 2026 4:35 PM IST

पटना हाइकोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े भूमि अधिग्रहण मामलों में वक्फ ट्रिब्यूनल को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
अदालत ने साफ किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 अपने आप में पूर्ण कानून है। इसी के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया संचालित होती है।
जस्टिस बिबेक चौधरी की एकल पीठ ने बिहार राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल, पटना के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को समस्तीपुर जिले में कब्रिस्तान और मस्जिद दर्ज जमीन पर हाईवे निर्माण से रोका गया था।
अदालत ने कहा कि वक्फ ट्रिब्यूनल ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश पारित किया। कोर्ट के अनुसार वक्फ अधिनियम का दायरा केवल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उनसे जुड़े विवादों तक सीमित है, जबकि भूमि अधिग्रहण जैसे मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार उसे नहीं है।
हाइकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ संपत्ति का अधिग्रहण पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं है बल्कि कानून में मुआवजा पाने की व्यवस्था मौजूद है।
अदालत ने कहा कि दोनों कानूनों राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम और वक्फ अधिनियम को साथ पढ़ा जाना चाहिए, लेकिन यदि टकराव हो तो राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम को प्राथमिकता मिलेगी।
कोर्ट ने अपने पूर्व के एक फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें पहले ही यह कहा जा चुका था कि संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं है। इसके बावजूद ट्रिब्यूनल द्वारा रोक लगाना गलत था।
हाइकोर्ट ने ट्रिब्यूनल की कार्यशैली पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि निर्णय कानून के बजाय किसी विशेष समुदाय के हित को ध्यान में रखकर लिया गया, जो न्यायिक पद के अनुरूप नहीं है।
अंततः हाइकोर्ट ने ट्रिब्यूनल का आदेश पूरी तरह रद्द किया और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का रास्ता साफ किया।

