पूजा करना मौलिक अधिकार: मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपुर में गणेश प्रतिमा स्थापित करने की दी अनुमति

Amir Ahmad

12 Sept 2026 12:48 PM IST

  • पूजा करना मौलिक अधिकार: मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपुर में गणेश प्रतिमा स्थापित करने की दी अनुमति

    मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपुर में विनायक चतुर्थी के अवसर पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पूजा करना मौलिक अधिकार है और याचिकाकर्ताओं को प्रतिमा स्थापित करने से रोका नहीं जाना चाहिए।

    जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायण ने हिंदू मुन्नानी के कार्यकारी समिति सदस्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए तिरुपुर पुलिस को उस स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने का निर्देश दिया, जिसे याचिकाकर्ता और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण के बाद तय किया था।

    याचिकाकर्ता संगठन ने तिरुपुर के यासिन बाबू नगर में विनायक चतुर्थी के आयोजन के लिए 14, 15, 16 और 17 सितंबर को कार्यक्रम और शोभायात्रा निकालने की योजना बनाई थी। संगठन ने प्रतिमा स्थापित करने के साथ ध्वनि विस्तारक यंत्र के इस्तेमाल की अनुमति भी मांगी थी।

    इसके लिए 11 अगस्त को पुलिस के समक्ष आवेदन दिया गया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन ने हाईकोर्ट का रुख किया।

    याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि संगठन पिछले 12 वर्षों से पुलिस के सहयोग और मार्गदर्शन में शांतिपूर्वक विनायक चतुर्थी का आयोजन करता आ रहा है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है और निर्धारित सीमा के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए जरूरी है।

    संगठन ने यह भी कहा कि पुलिस की ओर से लगाई जाने वाली सभी शर्तों का पालन किया जाएगा।

    पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा था कि जब पिछले वर्षों में अनुमति दी जाती रही है तो इस वर्ष अनुमति देने से इनकार क्यों किया जा रहा है।

    इस पर सरकार की ओर से पेश वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता ने शुरुआत में केवल ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन बाद में उसी स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति भी मांगी गई। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि प्रस्तावित स्थान के आसपास दो मस्जिदें हैं और वहां बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी रहती है। अदालत को बताया गया कि पिछले दो वर्षों से इस स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित नहीं की गई।

    9 सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता और पुलिस अधिकारियों ने इलाके का संयुक्त निरीक्षण किया और प्रतिमा स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान की पहचान कर ली है।

    इस पर जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायण ने याचिका का निपटारा करते हुए पुलिस को चिन्हित स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने का निर्देश दिया।

    मामले को समाप्त करते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पूजा करना मौलिक अधिकार है और याचिकाकर्ताओं को प्रतिमा स्थापित करने से नहीं रोका जाना चाहिए।

    कोर्ट के निर्देश के साथ ही प्रतिमा स्थापना को लेकर अनुमति का विवाद समाप्त हो गया।

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