बालिग महिला के पार्टनर के साथ रहने के फ़ैसले को बाहरी ताकतों से सुरक्षा मिलनी चाहिए: एमपी हाईकोर्ट
Amir Ahmad
15 Jun 2026 7:30 PM IST

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक 26 साल के पुरुष के साथ रह रही महिला को पुलिस सुरक्षा दी। कोर्ट ने कहा कि वह बालिग है और इसलिए अपनी मर्ज़ी से रहने के उसके फ़ैसले को बाहरी ताकतों से सुरक्षा मिलनी चाहिए।
जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की बेंच ने कहा,
"चूंकि वह बालिग है, इसलिए उसे अपनी मर्ज़ी से रहने का अधिकार है। अगर वह ऐसा फ़ैसला करती है तो उसके फ़ैसले को बाहरी ताकतों से सुरक्षा मिलनी चाहिए।"
यह जोड़ा अपने पिता (प्रतिवादी नंबर 4) और उनके साथियों से उचित सुरक्षा और मदद पाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा। जोड़े के अनुसार, वे अपने माता-पिता की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ साथ रह रहे हैं और उन्हें डर है कि उनके माता-पिता उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई कर सकते हैं।
राज्य के वकील ने इस अर्ज़ी का विरोध करते हुए कहा कि अगर ऐसी सुरक्षा दी जाती है तो यह समाज के व्यापक हित में नहीं होगा या इससे समाज में अनैतिक संबंध को बढ़ावा मिलेगा।
कोर्ट ने माना कि महिला बालिग है और उसे अपना निवास स्थान चुनने का अधिकार है, इसलिए ऐसे फ़ैसले को बाहरी ताकतों से सुरक्षा मिलनी चाहिए। प्रतिवादियों को जोड़े को सुरक्षा देने का निर्देश देते हुए कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया।

