पूरी तरह निष्क्रिय रवैये पर हाईकोर्ट सख्त, अवमानना मामले में दो IAS अधिकारियों के गिरफ्तारी वारंट जारी
Amir Ahmad
14 Sept 2026 5:36 PM IST

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका में न तो वकील नियुक्त करने और न ही अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने पर दो IAS अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को कार्यवाही की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने मामले में उपस्थित होने की जरूरत तक नहीं समझी।
जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने अवमानना याचिकाओं के मामलों में पूरी तरह निष्क्रियता अपना रखी है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी केवल हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को पत्र भेजकर किसी संपर्क अधिकारी की नियुक्ति की जानकारी दे देते हैं, लेकिन इसके बाद न तो वकील नियुक्त करते हैं और न ही अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करते हैं।
मामले में अवमानना की कार्यवाही के नोटिस सितंबर 2025 में ही संबंधित अधिकारियों को तामील हो चुके थे। इसके बाद सागर कलेक्टर की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अवमानना याचिका से संबंधित कार्यवाही के लिए सागर शहर के तहसीलदार को संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया।
कोर्ट ने पाया कि इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने मामले में उपस्थित होने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की। इस पर पीठ ने कहा कि राज्य प्रशासन का यह रवैया बेहद निराशाजनक स्थिति को दर्शाता है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों प्रतिवादियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाएं। कोर्ट ने वारंट की तामील की जिम्मेदारी भोपाल के पुलिस आयुक्त और सागर के पुलिस अधीक्षक को सौंपी है।
कोर्ट ने दोनों अधिकारियों की 21 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मामले को 21 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।
हाईकोर्ट की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अवमानना कार्यवाही में केवल संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की सूचना देना पर्याप्त नहीं है। संबंधित अधिकारियों को अदालत की कार्यवाही में विधिवत उपस्थित होकर आदेशों के अनुपालन की जानकारी भी देनी होगी।
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