गोवंश वध के आरोपों के बाद बेदखली पर हाईकोर्ट की रोक, खंडवा के परिवारों को अंतरिम राहत

Amir Ahmad

1 July 2026 5:05 PM IST

  • गोवंश वध के आरोपों के बाद बेदखली पर हाईकोर्ट की रोक, खंडवा के परिवारों को अंतरिम राहत

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खंडवा जिले के उन मुस्लिम परिवारों को अंतरिम राहत दी, जिन्हें गोवंश वध के आरोपों के बाद घरों से बेदखल किए जाने का नोटिस जारी किया गया था।

    अदालत ने अगली सुनवाई तक बेदखली नोटिस के अमल पर रोक लगाते हुए प्रशासन को याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।

    रविवार को हुई आपात सुनवाई में जस्टिस मनींदर एस. भट्टी की पीठ ने आदेश दिया,

    "अगली सुनवाई तक 25 जून 2026 के विवादित नोटिस का प्रभाव और क्रियान्वयन स्थगित रहेगा तथा इस नोटिस के आधार पर याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।"

    याचिका के अनुसार कुछ लोगों के खिलाफ गोवंश वध का मामला दर्ज होने के बाद हिंदू समुदाय की ओर से प्रदर्शन किया गया और अधिकारियों पर याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया गया।

    याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 25 जून की रात करीब 11 बजे अधिकारियों ने उन्हें बेदखली का नोटिस दिया और मौखिक रूप से सामान समेटकर घर खाली करने के लिए कहा।

    याचिका में कहा गया कि संबंधित परिवार कई दशकों से विवादित परिसर में रह रहे हैं लेकिन उन्हें अपने वैध कब्जे से जुड़े दस्तावेज जुटाने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

    याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि नोटिस में मकान गिराने का स्पष्ट उल्लेख नहीं है लेकिन नोटिस देने के दौरान अधिकारियों के मौखिक बयानों, बाद में मीडिया में दिए गए वक्तव्यों तथा नोटिस की भाषा को देखते हुए उन्हें आशंका है कि उनके मकानों को बिना उचित प्रक्रिया अपनाए ध्वस्त किया जा सकता है।

    याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अनूप नायर ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किलों के घरों पर तत्काल कार्रवाई का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

    मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने खंडवा के कलेक्टर और संबंधित ग्राम पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।

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