एमपी हाईकोर्ट ने छात्र संघ चुनाव कराने के लिए उठाए गए कदमों पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी
Amir Ahmad
28 Oct 2026 3:57 PM IST

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराने के लिए उठाए गए कदमों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट (की गई कार्रवाई की रिपोर्ट) मांगी। कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में चुनाव कराए जाएं।
चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विनय सर्राफ की खंडपीठ ने छात्र संघ चुनाव लंबे समय से न कराए जाने को चुनौती देने वाली नई याचिका पर नोटिस जारी किया। साथ ही कोर्ट ने संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि वे 3 अगस्त 2026 को WP 34295/2024 मामले में दिए गए आदेश के तहत की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करें।
खंडपीठ ने कहा,
"तीन कार्य दिवसों के भीतर प्रोसेस फीस जमा करने पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए, जिसका जवाब दो सप्ताह के भीतर आना चाहिए। इस बीच, प्रतिवादी इस कोर्ट द्वारा 3 अगस्त 2026 को WP नंबर 34295/2024 में पारित आदेश के तहत की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करेंगे।"
यह नई याचिका तब दायर की गई जब राज्य सरकार द्वारा 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में सितंबर 2026 के लिए छात्र संघ चुनाव तय किए जाने के बावजूद प्रशासन ने चुनाव नहीं कराए।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों में चुनाव कराए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों और लागू नियमों के अनुसार हर साल नियमित रूप से चुनाव हों।
याचिका में कहा गया कि 2017 से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए। इससे कई बैच के छात्र अपने प्रतिनिधि चुनने और शैक्षणिक संस्थानों के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के अवसर से वंचित रह गए।
यह भी कहा गया कि चुनाव कराने के लिए नोटिफिकेशन जारी करने और चुनाव कार्यक्रम तय करने के बावजूद, प्रशासन का चुनाव न कराना मनमाना है और यह मौजूदा कानूनी ढांचे के खिलाफ है।
याचिका में तर्क दिया गया कि लगातार चुनाव न कराने से लोकतांत्रिक भागीदारी कमजोर होती है और छात्र सार्थक प्रतिनिधित्व पाने से वंचित रह जाते हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया कि छात्र चुनावों के न होने से छात्रों की अपने विचार व्यक्त करने, शांतिपूर्वक इकट्ठा होने और संगठन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है जो अनुच्छेद 19(1)(a), 19(1)(b) और 19(1)(c) के तहत मिली उनकी स्वतंत्रता का उल्लंघन है।

