आप रणवीर सिंह हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं कर सकते: हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणी, जांच पर अंतरिम रोक
Amir Ahmad
24 Feb 2026 4:27 PM IST

कर्नाटक हाइकोर्ट ने मंगलवार को एक्टर रणवीर सिंह को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह भले ही बड़े कलाकार हों, लेकिन उन्हें किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार नहीं है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंच पर बोलते समय उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा,
“आप एक एक्टर हैं और लाखों लोग आपसे प्रभावित होते हैं। जब आपके पास ऐसा प्रभाव है तो आपको जिम्मेदार होना चाहिए। आप किसी की नकल कर सकते हैं। कुछ भी कर सकते हैं लेकिन किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार आपको नहीं है। आप रणवीर सिंह हों या कोई और कानून सबके लिए समान है।”
यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें रणवीर सिंह ने उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की।
यह FIR पिछले वर्ष गोवा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान उनके एक कथित बयान को लेकर दर्ज की गई।
आरोप है कि कार्यक्रम में रणवीर सिंह ने फिल्म 'कांतारा: चैप्टर 1' के एक पात्र की नकल करते हुए वहां दर्शाए गए 'दैवा' (भूत कोला) पर टिप्पणी की और उसे महिला भूत कहा।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह टिप्पणी 'चामुंडी दैवा' की धार्मिक परंपरा का अपमान है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई।
रणवीर सिंह की ओर से सीनियर एडवोकेट साजन पूवय्या ने स्वीकार किया कि अभिनेता का बयान पूरी तरह असंवेदनशील है।
उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह ने अपनी गलती समझने के बाद माफी मांग ली है और वह अपनी लापरवाही को सुधारने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।
इस पर जस्टिस ने कहा कि माफी से बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते।
उन्होंने कहा,
“मैं भूल सकता हूं, आप भूल सकते हैं, लेकिन इंटरनेट कभी नहीं भूलता। जब एक्टर मंच पर जाते हैं तो उन्हें संयम बरतना चाहिए। राज्य के लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। आपने निश्चित रूप से भावनाएं आहत की हैं।”
हालांकि जस्टिस ने यह भी कहा कि यह जरूरी नहीं कि बयान जानबूझकर दिया गया हो लेकिन इसे गंभीर अज्ञानता बताया और कहा कि यह क्षेत्र की एक पवित्र परंपरा से जुड़ा विषय है।
हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को 2 मार्च तक रणवीर सिंह के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है, बशर्ते कि वह जांच में सहयोग करें।
अदालत ने शिकायतकर्ता और राज्य सरकार को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
रणवीर सिंह के खिलाफ BNS की 2023 की धारा 196 (धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाना), धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया कृत्य) और धारा 302 (जानबूझकर धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले शब्दों का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया।
याचिका में 23 जनवरी को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित उस आदेश को भी चुनौती दी गई, जिसमें BNSS की धारा 175(3) के तहत जांच का निर्देश दिया गया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी, जहां यह तय किया जाएगा कि FIR रद्द की जाए या जांच जारी रहे।

