राहुल गांधी को पाकिस्तानी सेना के अधिकारी से जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर दर्ज आपराधिक मामला रद्द

  • राहुल गांधी को पाकिस्तानी सेना के अधिकारी से जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर दर्ज आपराधिक मामला रद्द

    कर्नाटक हाईकोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आपत्तिजनक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया।

    जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने जी. नागेश उर्फ राजेश हिरीमाने की याचिका स्वीकार करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द की।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार नागेश ने 20 मई 2025 को सोशल मीडिया पर एक पोस्टर साझा किया। इसमें राहुल गांधी के चेहरे का आधा हिस्सा और दूसरे आधे हिस्से में पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहने एक अधिकारी का चेहरा दिखाया गया। अधिकारी की वर्दी पर 'असीम' नाम की पट्टी लगी थी और पोस्टर पर 'वन एजेंडा' लिखा था।

    शिवमोगा जिले के डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता की ओर से साझा किया गया पोस्टर विभिन्न समुदायों और क्षेत्रीय समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत और दुर्भावना पैदा करने में सक्षम था।

    पुलिस ने BNS की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच की और नागेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

    आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग करते हुए याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उसने तस्वीर खुद नहीं बनाई थी, बल्कि केवल सोशल मीडिया पर साझा की थी।

    वहीं, अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता समुदायों के बीच दुर्भावना को बढ़ावा देने का दोषी है। इसलिए उसे नियमित सुनवाई के दौरान अपनी बेगुनाही साबित करनी चाहिए।

    हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के इमरान प्रतापगढ़ी बनाम गुजरात राज्य (2025) मामले में दिए गए फैसले का उल्लेख किया। इसके बाद अदालत ने कहा कि मौजूदा मामले में आगे सुनवाई जारी रखने की अनुमति देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा और इससे न्याय की विफलता होगी।

    इसी आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए नागेश के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की।

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