पेंशन व रिटायरमेंट लाभ न देने पर सख्ती, झारखंड हाईकोर्ट ने परिवहन अधिकारी का वेतन रोका
Amir Ahmad
26 March 2026 3:25 PM IST

झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में पलामू के जिला परिवहन पदाधिकारी का वेतन रोकने का निर्देश दिया। अदालत ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया, क्योंकि रिटायर कर्मचारी को अब तक पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभ नहीं दिए गए।
जस्टिस आनंद सेन की एकल पीठ अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका उस आदेश से जुड़ी थी, जिसमें 23 अक्टूबर 2024 को अदालत ने रिटायर लिपिक को पेंशन, सभी रिटायरमेंट लाभ, 6 प्रतिशत ब्याज और 50 हजार रुपये खर्च देने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता 31 मार्च 2011 को रिटायर हुए, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए भुगतान नहीं किया कि उनकी सेवा पुस्तिका उपलब्ध नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी देय राशि ब्याज सहित दी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों से खर्च की वसूली की जाए।
इसके बावजूद राज्य की ओर से आदेश का पालन नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि 21 मार्च, 2025 को भी चार सप्ताह का समय दिया गया, इसके बाद कई बार सुनवाई टली, लेकिन आज तक पूरा भुगतान नहीं हुआ।
अदालत ने टिप्पणी की कि राज्य के वकील ने खुद स्वीकार किया कि आदेश का पूर्ण पालन नहीं हुआ और अब भी बड़ी राशि बकाया है।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता रिटायर कर्मचारी हैं और बार-बार समय देने के बावजूद आदेश का पालन नहीं करना गंभीर मामला है।
हाईकोर्ट ने अंतिम अवसर देते हुए छह सप्ताह का समय और दिया, लेकिन साथ ही सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया,
“इस बीच पलामू के जिला परिवहन पदाधिकारी का वेतन रोका जाता है।”
अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अगली तारीख तक आदेश का पालन नहीं हुआ तो हजारीबाग क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव सह उपायुक्त का वेतन भी रोक दिया जाएगा।
साथ ही, आदेश की प्रति झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, महालेखाकार और कोषागार को तुरंत भेजने का निर्देश दिया गया।
मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद तय की गई, जिसमें अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

