पीएम मोदी डिग्री मामला: गुजरात हाइकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की संजय सिंह से अलग ट्रायल की मांग खारिज की

Amir Ahmad

13 Jan 2026 1:51 PM IST

  • पीएम मोदी डिग्री मामला: गुजरात हाइकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की संजय सिंह से अलग ट्रायल की मांग खारिज की

    गुजरात हाइकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज की। केजरीवाल ने इस मामले में पार्टी नेता संजय सिंह से अलग ट्रायल चलाने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

    जस्टिस एम.आर. मेंगदे ने मंगलवार, 13 जनवरी को आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिका खारिज की जाती है। फिलहाल आदेश की विस्तृत प्रति आना बाकी है। हाइकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला पिछले महीने सुरक्षित रख लिया था।

    केजरीवाल ने यह याचिका अहमदाबाद की सिटी सेशंस कोर्ट के एडिशनल प्रिंसिपल जज द्वारा 15 दिसंबर, 2025 को पारित आदेश को चुनौती देते हुए दायर की। सेशंस कोर्ट ने उस आदेश में मजिस्ट्रेट कोर्ट का 23 सितंबर, 2023 का फैसला बरकरार रखा था, जिसमें केजरीवाल की अलग ट्रायल की अर्जी को खारिज कर दिया गया।

    मामले की पृष्ठभूमि

    केजरीवाल का कहना था कि उनके और संजय सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप अलग-अलग घटनाओं से जुड़े हैं, इसलिए दोनों का एक साथ ट्रायल करना न्याय के हित में नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों ने अलग-अलग तारीखों पर बयान दिए अलग-अलग वीडियो जारी किए और दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट भी अलग हैं। ऐसे में एक आरोपी के खिलाफ पेश किया गया साक्ष्य दूसरे के खिलाफ नहीं पढ़ा जा सकता।

    हालांकि, सेशंस कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि केजरीवाल और संजय सिंह दोनों एक ही राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारी हैं। उन्होंने गुजरात हाइकोर्ट के 31 मार्च, 2023 के आदेश के बाद क्रमशः 1 अप्रैल और 2 अप्रैल 2023 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कथित रूप से गुजरात यूनिवर्सिटी की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयान दिए। इन बयानों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए।

    सेशंस कोर्ट ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि यदि दो या अधिक व्यक्ति एक ही लेन-देन के दौरान समान उद्देश्य से कार्य करते हैं और उनके कृत्यों में निरंतरता है तो उन्हें एक साथ ट्रायल किया जा सकता है। अदालत के अनुसार इस मामले में दोनों नेताओं की कथित गतिविधियां एक ही उद्देश्य से प्रेरित थीं, इसलिए संयुक्त ट्रायल उचित है।

    हाइकोर्ट ने भी इसी दृष्टिकोण से मामले को देखा और केजरीवाल की दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अलग ट्रायल की मांग को खारिज कर दिया गया।

    इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने अप्रैल, 2023 में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर टिप्पणी की। इसके बाद गुजरात यूनिवर्सिटी ने उनके खिलाफ अहमदाबाद की मजिस्ट्रेट अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर दोनों नेताओं को समन जारी किए गए।

    इससे पहले फरवरी, 2024 में भी गुजरात हाइकोर्ट ने केजरीवाल और संजय सिंह की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा जारी समन को चुनौती दी थी। गुजरात यूनिवर्सिटी की शिकायत में कहा गया कि यह टिप्पणी उस समय की गई, जब हाइकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें यूनिवर्सिटी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से संबंधित जानकारी देने का निर्देश दिया गया।

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