ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम कैसे दर्ज हों? हाइकोर्ट करेगा अहम फैसला, कई दस्तावेजों पर पड़ेगा प्रभाव
Amir Ahmad
15 April 2026 5:26 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट अब यह तय करेगा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम शैक्षणिक और आधिकारिक अभिलेखों में किस प्रकार दर्ज किए जाएं। अदालत ने माना कि यह मुद्दा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि पासपोर्ट आधार जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे कई दस्तावेजों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। यह मामला उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई।
सुनवाई के दौरान केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से बताया गया कि हाल ही में संशोधित कानून में ट्रांसजेंडर व्यक्ति की परिभाषा में बदलाव किया गया। वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि यह संशोधन अभी लागू नहीं हुआ है और वे वर्तमान कानून के तहत भी इस श्रेणी में आते हैं।
अदालत ने कहा कि इस मामले में दिए जाने वाले निर्देशों का प्रभाव केवल विश्वविद्यालयों या बोर्ड के रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा।
अदालत ने टिप्पणी की,
“इस मुद्दे पर दिए जाने वाले निर्देश जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य दस्तावेजों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।”
हाईकोर्ट ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को इस मामले में पक्षकार बनाते हुए छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य मंत्रालयों से भी राय ली जा सकती है ताकि व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकें।
सभी पक्षकारों को निर्देश दिया गया कि वे अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले अपने लिखित तर्क दाखिल करें जिसमें नए संशोधन के प्रभाव को भी स्पष्ट किया जाए।
यह मामला अब 15 जुलाई को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।

