'देश की पाठशाला' कार्यक्रम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा टाइम्स नाउ, नेटवर्क18 और सुशांत सिन्हा पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप

Amir Ahmad

31 July 2026 4:19 PM IST

  • देश की पाठशाला कार्यक्रम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा टाइम्स नाउ, नेटवर्क18 और सुशांत सिन्हा पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप

    टाइम्स नाउ नवभारत की मालिक कंपनी बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड ने अपने कार्यक्रम 'न्यूज़ की पाठशाला' के कथित कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में नेटवर्क18 और पत्रकार सुशांत सिन्हा के खिलाफ मुकदमा दायर किया।

    कंपनी का आरोप है कि सुशांत सिन्हा के नए कार्यक्रम 'देश की पाठशाला' का प्रारूप और प्रस्तुति उसके लोकप्रिय कार्यक्रम 'न्यूज़ की पाठशाला' से मिलती-जुलती है।

    जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को समन जारी किया और 30 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

    अदालत ने टाइम्स नाउ नवभारत की अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी किया, लेकिन कहा कि इस पर फैसला नेटवर्क18 और सुशांत सिन्हा का जवाब मिलने के बाद ही किया जाएगा।

    सुनवाई के दौरान टाइम्स नाउ नवभारत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत सिंह ने कहा कि यह मामला किसी बाहरी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि ऐसे पूर्व कर्मचारी के खिलाफ है, जिस पर कंपनी ने वर्षों तक भरोसा किया।

    उन्होंने कहा,

    "मैं किसी अजनबी के खिलाफ अदालत नहीं आया हूं। यह वही व्यक्ति है, जिस पर हमने पांच वर्षों तक भरोसा किया। वर्ष 2021 में जब वह हमारे स्टूडियो में आए थे, तब उनकी कोई पहचान नहीं थी। हमने उन्हें स्थापित किया।"

    उन्होंने आगे कहा कि कंपनी को इस बात से आपत्ति नहीं है कि वह किसी अन्य संस्थान में काम करें, लेकिन पूरे कार्यक्रम का प्रारूप लेकर प्रतिस्पर्धी चैनल पर उसी तरह का कार्यक्रम शुरू करना कॉपीराइट का उल्लंघन है।

    हेमंत सिंह ने अदालत में दावा किया कि 'देश की पाठशाला' की शुरुआत, प्रस्तुति का तरीका और विभिन्न हिस्सों की संरचना 'न्यूज़ की पाठशाला' से लगभग समान है।

    उन्होंने कहा,

    "'न्यूज़ की पाठशाला' में वह कहते थे, 'आज देखिए' और 'आज कौन-कौन से चैप्टर खोलने वाला हूं।' वहीं नए कार्यक्रम में 'आज का अध्याय' और 'आज कौन-कौन सी खबरों के अध्याय खोलने जा रहा हूं' जैसे वाक्य इस्तेमाल किए जा रहे हैं। यह हमारे कार्यक्रम के प्रारूप के कॉपीराइट का उल्लंघन है।"

    उन्होंने यह भी दलील दी कि हर टेलीविजन कार्यक्रम का प्रारूप और उसकी प्रस्तुति कॉपीराइट संरक्षण के दायरे में आती है।

    वहीं, सुशांत सिन्हा की ओर से सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि बेनेट कोलमैन पहले भी पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दायर कर चुकी है, लेकिन तब अदालत ने कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी।

    नेटवर्क18 की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि 'पाठशाला' शब्द का इस्तेमाल अन्य टेलीविजन कार्यक्रमों में भी किया जाता रहा है, इसलिए केवल इस शब्द के आधार पर कॉपीराइट का दावा नहीं किया जा सकता।

    सभी पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में समन जारी कर दिया और अंतरिम राहत की मांग पर अगली सुनवाई 25 अगस्त को तय की।

    Next Story