स्टार टीचर्स टिप्पणी विवाद: पत्रकार अंजना ओम कश्यप और खान सर के बीच हुआ समझौता

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    पत्रकार अंजना ओम कश्यप और परीक्षा की तैयारी कराने वाले शिक्षक फैसल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, ने दिल्ली हाईकोर्ट में कश्यप की ओर से दायर मानहानि मुकदमे में समझौता कर लिया है।

    कश्यप की ओर से पेश वकील वृंदा भंडारी ने जस्टिस तुषार राव गेडेला को बताया कि खान सर और पांच अन्य प्रतिवादियों के बीच विवाद सुलझ गया। अन्य प्रतिवादियों में बाबिता त्यागी, अरविंद भदौरिया, मनीष यादव और एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट संचालक SamKhasa तथा Abhimanyu1305 शामिल हैं।

    यह विवाद कश्यप की 'स्टार टीचर्स' पर की गई रिपोर्टिंग और इसके बाद ऑनलाइन शिक्षकों की ओर से की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने जुलाई में सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया।

    भंडारी ने कोर्ट को बताया कि समझौता पत्र पर कुछ दिनों में हस्ताक्षर हो जाएंगे। उन्होंने समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद कोर्ट के रिकॉर्ड पर रखने के लिए समय मांगा।

    उन्होंने बताया कि प्रतिवादी नंबर 8, 4PM News के साथ मध्यस्थता सफल नहीं रही है। वहीं, प्रतिवादी नंबर 2 अभिनव शर्मा के साथ समझौते की बातचीत अभी लंबित है।

    4PM News के मामले में कोर्ट ने उसके वकील से कहा कि चैनल के पत्रकार की टिप्पणी महज रिपोर्टिंग नहीं थी, बल्कि व्यक्तिगत राय थी कि कश्यप जो कह रही थीं वह फेक न्यूज की दुकान है।

    कोर्ट ने कश्यप और 4PM News से मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने का एक और मौका तलाशने का अनुरोध किया। साथ ही, राजशेखर राव से अपने प्रभाव और प्रयासों का इस्तेमाल कर समझौता कराने में मदद करने को कहा।

    कोर्ट ने मध्यस्थ के रूप में राव की कड़ी मेहनत की सराहना भी की।

    कोर्ट ने कहा,

    “आपने वह काम किया है, जो लगभग असंभव था। जैसा कि मैंने पहली तारीख को कहा था, ऐसे मामले कोर्ट में नहीं आने चाहिए।"

    मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।

    कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने खान सर की ओर से 'स्टार टीचर्स' पर उनकी रिपोर्टिंग के संदर्भ में कथित तौर पर की गई मानहानिकारक टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी। इनमें “बिकाऊ पार्टनर”, “चाटुकार”, “दलाली” और “फेक न्यूज की दुकान” जैसे शब्द शामिल थे।

    यह विवाद NEET परीक्षा प्रणाली पर एक लाइव बहस के दौरान शुरू हुआ था। आरोप है कि कश्यप ने ऑनलाइन शिक्षकों की आलोचना करते हुए उन्हें “फ्रॉड” कहा और उन पर व्यूज हासिल करने के लिए केवल चीजों को समझाने का आरोप लगाया।

    दो करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने की मांग की गई।


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