CBSE ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन विवाद: NSUI ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, स्वतंत्र जांच की मांग
Amir Ahmad
2 Jun 2026 12:34 PM IST

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर विवाद गहरा गया। राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने इस प्रणाली में कथित व्यापक अनियमितताओं और खामियों का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और प्रभावित छात्रों को राहत देने की मांग की गई।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि यह मामला लाखों विद्यार्थियों के हितों से जुड़ा है, जिन्होंने कक्षा 12 की परीक्षा इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के तहत दी थी।
याचिका के अनुसार, CBSE ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन प्रणाली लागू की थी। हालांकि, परिणाम घोषित होने के बाद देशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें धुंधली स्कैन प्रतियां, उत्तर पुस्तिकाओं के पन्ने गायब होना अधूरी अपलोडिंग, उत्तर पुस्तिकाओं का आपस में मेल न खाना, अपेक्षा से बहुत कम अंक मिलना तथा शिकायतों के निस्तारण के प्रभावी तंत्र का अभाव जैसी समस्याएं शामिल हैं।
याचिका में कहा गया कि परिणाम जारी होने के तुरंत बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां मांगे जाने से यह स्पष्ट होता है कि मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच गंभीर चिंता और अविश्वास का माहौल है। इसे सामान्य परिणामोत्तर प्रक्रिया नहीं माना जा सकता।
NSUI का कहना है कि वर्तमान शिकायत निवारण व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। छात्रों को केवल सीमित डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए गए और विवादित मामलों में न तो सार्थक मैनुअल सत्यापन की व्यवस्था है और न ही स्वतंत्र पुनर्मूल्यांकन का अवसर।
याचिका में यह भी कहा गया कि जब तक शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा तब तक शैक्षणिक सत्र आगे बढ़ रहा है, जिससे छात्रों को अपूरणीय नुकसान होने की आशंका है।
इसी आधार पर याचिका में उत्तर पुस्तिका सत्यापन पोर्टल को एक महीने के लिए दोबारा खोलने, विवादित मामलों में मैनुअल पुनः जांच और भौतिक सत्यापन की अनुमति देने की मांग की गई।
इसके अलावा केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष निगरानी में पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने तथा भविष्य में डिजिटल मूल्यांकन प्रणालियों के लिए स्पष्ट सुरक्षा उपाय और दिशानिर्देश तैयार करने का भी अनुरोध किया गया।
मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में होने की संभावना है, जहां अदालत CBSE की नई मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़े सवालों पर विचार करेगी।

