पूर्व सैनिक कोटा: आवेदन की अंतिम तिथि नहीं, रिजल्ट की तारीख से गिना जाएगा एक साल- दिल्ली हाइकोर्ट
Amir Ahmad
17 March 2026 2:21 PM IST

दिल्ली हाइकोर्ट ने पूर्व सैनिक (ESM) कोटे से जुड़ी भर्ती में महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि एक वर्ष की सेवा समाप्ति अवधि की गणना आवेदन की अंतिम तिथि से नहीं बल्कि परीक्षा परिणाम घोषित होने की तारीख से की जाएगी।
जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जब पात्रता नियम अस्पष्ट हों तो उनकी व्याख्या उम्मीदवार के पक्ष में की जानी चाहिए।
मामला एक सेना के जवान से जुड़ा था, जिसने भारतीय सेना में सेवा देते हुए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) सहायक कमांडेंट परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
याचिकाकर्ता ने पूर्व सैनिक कोटे के तहत आवेदन किया और सभी चरण लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षण और मेडिकल सफलतापूर्वक पास कर लिए थे। हालांकि, आयोग ने उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी यह कहते हुए कि वह आवेदन की अंतिम तिथि से एक वर्ष के भीतर सेना से मुक्त नहीं हुआ।
अदालत ने पाया कि संबंधित नियम में यह स्पष्ट नहीं है कि एक वर्ष की अवधि किस तारीख से गिनी जाएगी। ऐसे में उम्मीदवार के पक्ष में व्याख्या करना उचित है।
हाइकोर्ट ने कहा कि चूंकि नियुक्ति परीक्षा परिणाम के आधार पर होती है। इसलिए एक वर्ष की अवधि भी परिणाम घोषित होने की तारीख से गिनी जानी चाहिए।
अदालत ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता की सेवा से मुक्त होने में देरी COVID-19 महामारी के कारण हुई और FIR में हुई गलती परिस्थितियों के कारण थी, इसलिए उसे गलत बयान नहीं माना जा सकता।
हालांकि, अदालत ने सीधे नियुक्ति का आदेश नहीं दिया, क्योंकि जिस उम्मीदवार को उसकी जगह नियुक्त किया गया, उसे मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया।
इसके बावजूद हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी रद्द करने का आदेश रद्द किया और निर्देश दिया कि यदि पद रिक्त हो, तो उसे नियुक्त किया जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नियुक्ति होने पर उसे वरिष्ठता, सेवा निरंतरता और वेतन निर्धारण जैसे सभी लाभ मिलेंगे, लेकिन बकाया वेतन नहीं दिया जाएगा।

