फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा, दिल्ली हाईकोर्ट ने आपत्तिजनक सामग्री हटाने का दिया आदेश
Amir Ahmad
5 Aug 2026 3:19 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षाविद और फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा करते हुए उनके नाम और तस्वीर का कथित रूप से दुरुपयोग करने वाली सामग्री हटाने का अंतरिम आदेश दिया।
जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने अलख पांडे द्वारा दायर वाद पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
अदालत ने कहा कि वह जल्द ही विस्तृत आदेश जारी करेगी, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन-किन प्रकार की सामग्रियों को हटाने का निर्देश दिया गया और उसके पीछे क्या कारण हैं।
हाईकोर्ट ने विशेष रूप से ऐसी सामग्री हटाने का निर्देश दिया, जिसमें बिना अनुमति अलख पांडे के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल किया गया हो, खासकर यदि उसका उद्देश्य व्यावसायिक लाभ कमाना हो या वह अश्लील, अभद्र अथवा यौन रूप से स्पष्ट हो।
सुनवाई के दौरान अलख पांडे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जे. साई दीपक ने अदालत के समक्ष कथित रूप से उल्लंघन करने वाले इंटरनेट लिंक की एक सूची प्रस्तुत की। इन लिंक को तीन श्रेणियों में बांटा गया था—अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री, व्यक्तित्व अधिकारों का व्यावसायिक शोषण करने वाली सामग्री तथा अलख पांडे का प्रतिरूपण करने वाली सामग्री।
अदालत ने वाद पर प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए कुछ विशेष इंटरनेट लिंक के संबंध में प्रतिवादी संख्या 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29, 30 और 31 के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा भी जारी की।
इसके अलावा, हाईकोर्ट ने गूगल, एक्स, टेलीग्राम और लिंक्डइन को निर्देश दिया कि वे आदेश में उल्लिखित इंटरनेट लिंक या वेबसाइटों से जुड़े खाताधारकों की मूल सदस्यता संबंधी जानकारी अलख पांडे को उपलब्ध कराएं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट कई चर्चित हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा कर चुका है।
इनमें क्रिकेटर अभिषेक शर्मा, युवराज सिंह, कांग्रेस नेता शशि थरूर, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, उद्योगपति अमन गुप्ता, अभिनेता अल्लू अर्जुन, मोहनलाल, आर. माधवन, काजोल, एनटीआर जूनियर, आध्यात्मिक प्रवचनकर्ता अनिरुद्धाचार्य, गायक जुबिन नौटियाल, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर सहित कई अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
इसी प्रकार अदालत पत्रकार सुधीर चौधरी के व्यक्तित्व अधिकारों की भी रक्षा कर चुकी है। उनके मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार वीडियो हटाने के संबंध में राहत दी गई थी। इसके अलावा, पॉडकास्टर राज शमानी के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी अदालत पहले आदेश पारित कर चुकी है।


