विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल में शामिल होने की अंतरिम अनुमति नहीं
Amir Ahmad
11 Sept 2026 3:30 PM IST

पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के भारतीय टीम चयन ट्रायल में शामिल होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 14 सितंबर को होने वाले महिला चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए पात्रता मानदंड से अंतरिम छूट देने से इनकार किया।
कोर्ट ने कहा कि 7 सितंबर 2026 के भारतीय कुश्ती महासंघ के परिपत्र में तय पात्रता मानदंड सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं और निर्धारित प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेने वाला खिलाड़ी, कारण चाहे जो भी हो, तय पात्रता श्रेणियों में नहीं आता।
जस्टिस शर्मा विनेश फोगाट की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थीं जिसमें उन्होंने 2026 सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी। यह आवेदन उनकी पहले से लंबित याचिका में दायर किया गया। मूल याचिका में गर्भावस्था और मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए नीति बनाए जाने की मांग की गई।
कोर्ट ने माना कि विनेश की गर्भावस्था, प्रसव और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ से जुड़ी परिस्थितियों को नीति की वैधता पर विचार करते समय ध्यान में रखना होगा। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल इन परिस्थितियों के आधार पर अंतरिम चरण में उन्हें मौजूदा पात्रता मानदंड के विपरीत चयन ट्रायल में भाग लेने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी कहा कि नीति की वैधता पर फैसला किए बिना केवल विनेश फोगाट को अंतरिम राहत देना समान स्थिति वाली उन खिलाड़ियों के साथ असमान व्यवहार का कारण बन सकता है, जो इस समय अदालत के सामने नहीं हैं।
जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि अदालत ने न तो 7 सितंबर के परिपत्र की वैधता पर कोई अंतिम राय दी है और न ही लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के गुण-दोष पर कोई निष्कर्ष निकाला है। इसके बावजूद मौजूदा चरण में अंतरिम राहत देना उचित नहीं माना गया।
भारत की टीम के चयन के लिए सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के ट्रायल 14 सितंबर को दिल्ली में होने हैं। यह चैंपियनशिप 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित की जानी है। भारतीय कुश्ती महासंघ ने महिलाओं के छह ओलंपिक भार वर्गों में चयन ट्रायल के लिए पात्रता की शर्तें तय की हैं।
इन शर्तों के तहत 2025 सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के पदक विजेता, गोंडा में आयोजित 2026 सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर चुने गए खिलाड़ी, 2026 अंडर-23 नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के पदक विजेता, निर्धारित फेडरेशन कप के पदक विजेता, राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल पहलवान और 2026 अंडर-20 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए चुने गए पहलवान पात्रता श्रेणियों में शामिल हैं।
विनेश फोगाट का तर्क था कि नई चयन व्यवस्था ने पात्रता का रास्ता लगभग बंद कर दिया है, क्योंकि चयन ट्रायल में भाग लेने की पात्रता निर्धारित प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन से जोड़ दी गई। उनका कहना था कि वह इन श्रेणियों में इसलिए नहीं आतीं क्योंकि गर्भावस्था, प्रसव, प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ और दोबारा प्रतियोगिता में लौटने की जरूरी प्रक्रिया के कारण वह संबंधित क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं।
विनेश की ओर से यह भी दलील दी गई कि मौजूदा चयन व्यवस्था में ऐसी महिला खिलाड़ी के लिए कोई प्रावधान नहीं है, जो मातृत्व संबंधी कारणों से निर्धारित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में असमर्थ रही हो। हालांकि, हाईकोर्ट ने फिलहाल इस मुद्दे पर अंतरिम राहत देने के बजाय नीति की वैधता और उससे जुड़े सवालों पर लंबित याचिका में आगे विचार किए जाने का रास्ता खुला रखा है।


