उन्नाव रेप केस: पीड़िता की अतिरिक्त सबूत पेश करने की मांग खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
Amir Ahmad
22 April 2026 6:01 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में पीड़िता की याचिका खारिज की, जिसमें उसने दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ अतिरिक्त सबूत पेश करने की अनुमति मांगी थी।
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने सेंगर द्वारा 2020 में दायर अपील पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। सेंगर ने अपनी सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी।
पीड़िता ने अपनी अर्जी में स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर जन्मतिथि समेत कुछ अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने और नए साक्ष्य दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद कहा कि इस स्तर पर नए साक्ष्य की कोई आवश्यकता नहीं है।
हाईकोर्ट ने पाया कि स्कूल की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया कि प्रवेश के समय जन्म प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया और उस समय इसकी आवश्यकता भी नहीं थी। साथ ही, ट्रायल के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य गवाही दे चुके हैं और प्रवेश रजिस्टर भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
अदालत ने किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) की धारा 94 का हवाला देते हुए कहा कि आयु निर्धारण के लिए स्कूल प्रमाण पत्र प्राथमिक दस्तावेज होता है, और उसकी अनुपस्थिति में अन्य विकल्प अपनाए जाते हैं।
अदालत ने स्पष्ट कहा,
“आवेदन खारिज किया जाता है। मामले की सुनवाई रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी।”
गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर को वर्ष 2019 में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में उनकी सजा को निलंबित करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिसंबर, 2025 में दिया था जिसे कुछ ही दिनों बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया।
यह मामला पूरे देश में काफी चर्चित रहा था, जिसमें पीड़िता और उसके परिवार ने सेंगर और उनके सहयोगियों पर लगातार उत्पीड़न और धमकी के आरोप लगाए। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी।

