UGC-NETअंग्रेजी परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और NTA से मांगा जवाब

Amir Ahmad

4 Sept 2026 11:08 AM IST

  • UGC-NETअंग्रेजी परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और NTA से मांगा जवाब

    दिल्ली हाईकोर्ट ने UGC-NET जून 2026 की अंग्रेजी विषय की परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा। कोर्ट ने संबंधित परीक्षा शुल्क वापस करने के मुद्दे पर भी अधिकारियों को फैसला लेने का निर्देश दिया।

    जस्टिस जस्मीत सिंह ने विभिन्न अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नोटिस जारी किया।

    मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।

    याचिका में NTA की ओर से 16 अगस्त को जारी सार्वजनिक सूचना रद्द करने की मांग की गई। इस सूचना के जरिए यूजीसी-नेट जून 2026 की अंग्रेजी विषय की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।

    अभ्यर्थियों का कहना है कि दोबारा परीक्षा कराने के फैसले का आधार बनने वाली सामग्री उन्हें बताए बिना यह निर्णय लिया गया। साथ ही सूचना पुस्तिका में निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया। याचिका में इस फैसले को मनमाना, अनुचित और प्रक्रिया की दृष्टि से निष्पक्षता के खिलाफ बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करने वाला बताया गया।

    याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि पहले आयोजित अंग्रेजी विषय की परीक्षा के परिणाम घोषित किए जाएं या निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके परिणामों पर कार्रवाई की जाए। इसके लिए उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने, विशेषज्ञों से उसकी समीक्षा कराने, जरूरत पड़ने पर गलत प्रश्न हटाने या उत्तर कुंजी में सुधार करने और उसके बाद दोबारा मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई।

    याचिका में यह भी कहा गया कि यदि हाईकोर्ट दोबारा परीक्षा कराने का फैसला बरकरार रखता है तो अभ्यर्थियों द्वारा पहले जमा किया गया परीक्षा शुल्क वापस किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हें बिना अतिरिक्त शुल्क दिए दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए।

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने परीक्षा शुल्क वापस करने के मुद्दे पर भी अधिकारियों को निर्णय लेने का निर्देश दिया।

    कोर्ट ने कहा,

    “प्रतिवादियों को संबंधित परीक्षा की फीस वापस करने के संबंध में भी निर्णय लेने का निर्देश दिया जाता है।”

    अभ्यर्थियों ने अपनी याचिका में यह भी मांग की कि दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किस सामग्री और आधार पर लिया गया, इसकी जानकारी उन्हें दी जाए। उनका कहना है कि बिना उचित प्रक्रिया अपनाए पहले से आयोजित परीक्षा को दोबारा कराना उनके अधिकारों को प्रभावित करता है।

    हाईकोर्ट ने फिलहाल दोबारा परीक्षा कराने के फैसले पर अंतिम राय व्यक्त नहीं की और केंद्र सरकार तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से जवाब मांगा।

    मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।

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