संसद सुरक्षा में सेंधमारी मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में अगले सप्ताह होगी सुनवाई

  • संसद सुरक्षा में सेंधमारी मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में अगले सप्ताह होगी सुनवाई

    दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (29 अप्रैल) को 2023 संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में आरोपितों नीलम आज़ाद और मनोरंजन डी द्वारा दायर जमानत याचिकाओं को सुनवाई के लिए 7 मई को सूचीबद्ध किया।

    जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) के प्रतिनिधि वकील द्वारा एक सप्ताह के स्थगन के अनुरोध के बाद याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी। दिल्ली पुलिस की ओर से ASG इस मामले में पेश होंगे।

    नीलम आज़ाद की ओर से पेश वकील ने इस स्थगन अनुरोध का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार द्वारा जानबूझकर देरी करने की रणनीति है। इस तरह आज़ादी से जुड़े मामलों में देरी करना देश के लिए ठीक नहीं है।

    सुनवाई के दौरान जब ASG के प्रतिनिधि वकील ने टिप्पणी की कि नैतिक भाषण न दें तो नीलम के वकील ने जवाब दिया

    "यह असली भाषण है। अगर ASG को दिलचस्पी है, तो उन्हें अदालत में मौजूद रहना चाहिए। इस तरह बहाने बनाना उचित नहीं है। अगर वे दिलचस्पी रखते हैं तो कल ही सुनवाई होनी चाहिए।"

    इस पर जस्टिस प्रसाद ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा,

    "बस अब बहुत हो गया..आपने हमें चिढ़ा दिया है। और मामले को 7 मई तक के लिए स्थगित कर दिया।"

    पिछले सप्ताह भी पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि धुएं के कनस्तर (Smoke Canister) का उपयोग आतंकवादी कृत्य माना जाए तो होली और आईपीएल मैच भी यूएपीए (UAPA) के तहत अपराध बन जाएंगे।

    कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि क्या बिना जानलेवा धुएं के कनस्तर का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधि के दायरे में आता है।

    दिल्ली पुलिस ने नीलम आज़ाद की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपितों का उद्देश्य संसद की नई भव्य इमारत में 2001 के संसद हमले की डरावनी यादों को फिर से जीवित करना था।

    गौरतलब है कि 2001 के संसद हमले की बरसी पर सुरक्षा में भारी चूक हुई थी, जब दो लोग लोकसभा कक्ष में दर्शक दीर्घा से कूद पड़े थे। उनकी पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी के रूप में हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में दोनों को पीले धुएं छोड़ने वाले कनस्तरों के साथ नारेबाजी करते हुए देखा गया था। हालांकि कुछ सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया था।

    इसके अलावा अमोल शिंदे और नीलम आज़ाद ने भी संसद भवन के बाहर रंगीन धुएं के कनस्तरों से गैस छोड़ी और तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए थे।

    टाइटल: मनोरंजन डी बनाम राज्य (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार)

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