सिद्धार्थ वरदराजन को OCI कार्ड देने से इनकार करने का केंद्र का फैसला रद्द, दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा कारणयुक्त आदेश

Amir Ahmad

12 May 2026 1:15 PM IST

  • सिद्धार्थ वरदराजन को OCI कार्ड देने से इनकार करने का केंद्र का फैसला रद्द, दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा कारणयुक्त आदेश

    दिल्ली हाईकोर्ट ने द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को OCI कार्ड देने से इनकार करने संबंधी केंद्र सरकार का फैसला रद्द किया।

    अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से जारी संचार में कोई कारण नहीं बताया गया, इसलिए उसे बरकरार नहीं रखा जा सकता।

    जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने वरदराजन की OCI कार्ड संबंधी अर्जी को बहाल करते हुए केंद्र सरकार को नया और कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया।

    वरदराजन की ओर से सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णन और एडवोकेट अर्चित कृष्ण ने पक्ष रखा।

    उन्होंने अदालत को बताया कि वरिष्ठ पत्रकार के भारत से गहरे संबंध हैं और वह वर्ष 1995 से PIO कार्ड के आधार पर भारत में रह रहे हैं।

    दलील दी गई कि वर्ष 2015 में कानून में बदलाव के बाद सभी PIO कार्ड स्वतः OCI कार्ड माने जाने लगे थे। इसके चलते वरदराजन का PIO कार्ड तकनीकी रूप से पढ़ा नहीं जा रहा था।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार के संचार को देखते हुए मौखिक रूप से कहा कि उसमें कोई कारण दर्ज नहीं है और सवाल किया कि बिना कारण वाला आदेश कैसे टिक सकता है।

    केंद्र सरकार की ओर से एडवोकेट अनुसूया चौधरी पेश हुईं। उन्होंने अदालत से निर्देश लेने के लिए समय मांगा और कहा कि जिस अधिसूचना के आधार पर आवेदन खारिज किया गया, वह उनके पास उपलब्ध नहीं है।

    हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि चुनौती दिया गया आदेश टिकाऊ नहीं है और सरकार को वरदराजन की पात्रता पर दोबारा विचार करते हुए स्पष्ट कारणों सहित नया आदेश पारित करना होगा।

    अदालत ने कहा,

    “जब तक आदेश में कारण नहीं दिए जाएंगे तब तक अपीलीय अदालत उसके सही होने की जांच नहीं कर सकती। कारण किसी भी आदेश की आत्मा होते हैं।”

    इसी के साथ अदालत ने केंद्र सरकार का संचार रद्द किया और निर्देश दिया कि वरदराजन के आवेदन पर कानून के अनुसार दोबारा फैसला लिया जाए।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नए आदेश के बाद भी वरदराजन असंतुष्ट रहते हैं तो वे कानून के तहत उपलब्ध अन्य उपाय अपना सकते हैं।

    हालांकि मुख्य याचिका का निपटारा कर दिया गया, लेकिन अदालत ने वरदराजन की यात्रा से संबंधित अंतरिम अर्जी पर सुनवाई के लिए मामले को अगले दिन सूचीबद्ध किया।

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