NEET पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी

Amir Ahmad

17 Jun 2026 12:37 PM IST

  • NEET पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी

    NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देते हुए मैसेजिंग मंच टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। केंद्र ने 22 जून तक भारत में टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े संगठित गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया।

    मामले का उल्लेख अवकाशकालीन पीठ के समक्ष किया गया, जिस पर जस्टिस तेजस कारिया ने तत्काल सुनवाई की अनुमति दी।

    यह कार्रवाई राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की सिफारिशों के बाद की गई। केंद्र सरकार का कहना है कि 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक और अभ्यर्थियों से ठगी के लिए किया जा रहा है।

    टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल दुरोव ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस कदम से भारत के 15 करोड़ से अधिक सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे, जबकि प्रश्नपत्र लीक करने वाले लोग नहीं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध से समस्या खत्म नहीं हुई है बल्कि ऐसी गतिविधियां अन्य मंचों पर स्थानांतरित हो गई हैं।दुरोव ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह में टेलीग्राम ने भारत में प्रश्नपत्र लीक सामग्री और उससे जुड़े फर्जीवाड़े साझा करने वाले सैकड़ों चैनलों को हटाया है। साथ ही संदेशों में संपादन किए जाने की पहचान को और स्पष्ट बनाने की दिशा में भी कदम उठाए गए।

    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा दो महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। पहला सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69ए के तहत 22 जून

    2026 तक टेलीग्राम की पहुंच सीमित करना। दूसरा, 30 जून 2026 तक पहले से पोस्ट किए गए मैसेज में एडिटिंग की सुविधा को भारत में निष्क्रिय करना।

    एजेंसी के अनुसार यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ठगी से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया। एजेंसी ने दावा किया कि टेलीग्राम पर “पेपर लीक्ड NEET”, “RE-NEET 2026”, “प्राइवेट माफिया” और “RE NEET माफिया” जैसे नामों से कई चैनल सक्रिय है, जो कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग कर रहे हैं।

    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कहा कि मंच-स्तर पर कार्रवाई अंतिम उपाय के तौर पर की गई। इससे पहले विभिन्न चैनलों को हटाने जैसी मध्यवर्ती कार्रवाइयां की गईं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा अवधि तक सीमित अस्थायी प्रतिबंध और संदेश संपादन सुविधा पर रोक जैसे कदम न्यूनतम आवश्यक हस्तक्षेप के सिद्धांत के आधार पर उठाए गए।

    अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट केंद्र सरकार और टेलीग्राम के तर्कों पर विचार करेगा। मामले की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर लाखों अभ्यर्थियों और करोड़ों टेलीग्राम उपयोगकर्ताओं पर पड़ सकता है।

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