करिश्मा कपूर के बच्चों को अंतरिम राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्ति हस्तांतरित करने से रोका

Amir Ahmad

30 April 2026 4:53 PM IST

  • करिश्मा कपूर के बच्चों को अंतरिम राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्ति हस्तांतरित करने से रोका

    दिल्ली हाईकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर को उनकी संपत्तियों के हस्तांतरण या निस्तारण से रोकते हुए करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर और उनके भाई को अंतरिम राहत प्रदान की।

    जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि कथित वसीयत को लेकर वादियों तथा संजय कपूर की माता रानी कपूर द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों का उल्लेख किया गया और इन संदेहों को दूर करने का दायित्व प्रिया कपूर पर है, जिसका परीक्षण मुकदमे के दौरान होगा।

    अदालत ने कहा कि जब तक वाद लंबित है तब तक दिवंगत की संपत्ति संरक्षित रखी जानी आवश्यक है।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वसीयत की प्रामाणिकता का अंतिम निर्धारण परीक्षण के दौरान होगा लेकिन तब तक संजय कपूर की संपत्तियों को समाप्त या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।

    प्रथमदृष्टया मामला वादियों के पक्ष में पाते हुए अदालत ने संजय कपूर की संपत्तियों के संरक्षण के लिए अंतरिम आदेश पारित किए।

    अदालत ने प्रिया कपूर को तीन भारतीय कंपनियों में इक्विटी शेयरधारिता हस्तांतरित या परिवर्तित करने से रोका है। साथ ही उन्हें भविष्य निधि राशि निकालने, कुछ कलाकृतियों से संबंधित निजी संपत्तियां बेचने तथा कुछ भारतीय बैंक खातों से धन निकासी करने से भी प्रतिबंधित किया गया।

    इसके अतिरिक्त अदालत ने संजय कपूर के नाम पर धारित क्रिप्टोकरेंसी हस्तांतरित करने पर भी रोक लगाई।

    वादियों का कहना है कि उनके दिवंगत पिता की कथित वसीयत विधिसम्मत और वैध दस्तावेज नहीं है बल्कि जाली एवं मनगढ़ंत है तथा संदिग्ध परिस्थितियों से घिरी हुई है।

    करिश्मा कपूर के बच्चों ने यह वाद प्रिया कपूर, उनके पुत्र, संजय कपूर की माता रानी कपूर तथा 21 मार्च 2025 की कथित वसीयत की निष्पादक श्रद्धा सूरी मरवाह के विरुद्ध दायर किया।

    वादियों की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने दलील दी कि बच्चे प्रथम श्रेणी के वारिस हैं और उन्हें हमेशा बताया गया कि कोई वसीयत नहीं है। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई की बैठक में अचानक कथित वसीयत पढ़कर सुनाई गई।

    उन्होंने वसीयत में कई त्रुटियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह संजय कपूर की कार्यशैली के विपरीत है और दस्तावेज की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े करती है।

    वहीं प्रिया कपूर की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने कहा कि वाद में वसीयत को विधिवत चुनौती नहीं दी गई है और केवल वर्तनी अथवा तकनीकी त्रुटियों के आधार पर वसीयत अमान्य नहीं ठहराई जा सकती।

    मामले में विस्तृत सुनवाई आगे जारी रहेगी।

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