संजय कपूर की EPF राशि से बच्चों की स्कूल फीस भरने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस

Amir Ahmad

26 May 2026 5:52 PM IST

  • संजय कपूर की EPF राशि से बच्चों की स्कूल फीस भरने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस

    दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति स्वर्गीय संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अदालत से संजय कपूर की EPF राशि का उपयोग कर करिश्मा कपूर के बच्चों की स्कूल फीस और शिक्षा संबंधी खर्च चुकाने की अनुमति मांगी।

    जस्टिस अवनीश झिंगन ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अर्जी की सुनवाई किसी अन्य पीठ द्वारा किए जाने की वैधता का मुद्दा खुला रखा गया है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी।

    यह अर्जी उस लंबित मुकदमे में दायर की गई, जिसमें करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर और उनके भाई ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर की निजी संपत्तियों में हिस्सेदारी का दावा किया।

    दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट की समन्वय पीठ ने 30 अप्रैल 2026 को अंतरिम आदेश पारित करते हुए प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्तियों का हस्तांतरण, बिक्री या उपयोग करने से रोक दिया था।

    अदालत ने माना था कि कथित वसीयत को लेकर कई संदिग्ध परिस्थितियां सामने आई हैं और उसकी वास्तविकता का परीक्षण मुकदमे के दौरान होगा।

    प्रिया कपूर ने अब अदालत से आदेश के पैरा 79 के कुछ हिस्सों में संशोधन की मांग की। उन्होंने अनुरोध किया कि उन्हें संजय कपूर के कर्मचारी भविष्य निधि खाते से सीमित निकासी की अनुमति दी जाए ताकि समायरा कपूर और उनके भाई की शिक्षा संबंधी खर्च और स्कूल फीस जमा की जा सके।

    समन्वय पीठ ने पहले कहा था कि यह केवल स्पष्टीकरण की अर्जी नहीं है बल्कि पहले दिए गए निर्देशों में बदलाव की मांग है। इसी कारण मामले को रोस्टर पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।

    अपने अंतरिम आदेश में अदालत ने कहा था कि वसीयत को लेकर तीन प्रमुख संदिग्ध परिस्थितियां सामने आई हैं। इनमें संपत्ति के अस्वाभाविक बंटवारे, वसीयत के तैयार होने और हस्ताक्षर की परिस्थितियां तथा मूल वसीयत की सुरक्षित रखरखाव श्रृंखला शामिल हैं।

    अदालत ने यह भी कहा था कि मुकदमे के लंबित रहने तक संजय कपूर की संपत्तियों को सुरक्षित रखना आवश्यक है और वसीयत की वास्तविकता का फैसला सुनवाई के बाद ही होगा।

    इसी आधार पर अदालत ने प्रिया कपूर को एआईपीएल, बीआरएस फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और जेटेक्ट इंडिया लिमिटेड में शेयरों के हस्तांतरण या बदलाव से रोक दिया था।

    साथ ही उन्हें EPF राशि निकालने, संजय कपूर की घड़ियां, आभूषण, कलाकृतियां बेचने या गिरवी रखने तथा एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के खातों से राशि निकालने पर भी रोक लगाई गई थी। हालांकि तलाक डिक्री के तहत बच्चों के प्रति देनदारियों के भुगतान की अनुमति दी गई।

    अदालत ने विदेशी बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी संपत्तियों के हस्तांतरण पर भी रोक लगाई।

    करिश्मा कपूर के बच्चों का आरोप है कि उनके पिता की कथित वसीयत कानूनी रूप से वैध नहीं है और वह संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार की गई। मुकदमे में प्रिया कपूर, उनके बेटे, संजय कपूर की मां रानी कपूर और कथित वसीयत निष्पादक श्रद्धा सूरी मरवाह को पक्षकार बनाया गया।

    Next Story