आवारा कुत्तों की समस्या पर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया, सरकार और MCD से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
Amir Ahmad
23 July 2026 3:00 PM IST

आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की। हाईकोर्ट अब सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के पालन की निगरानी करेगा, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया गया।
जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (MCD) को निर्देश दिया कि वह 31 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में अब तक उठाए गए कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें। अदालत ने केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भी नोटिस जारी किया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आवारा कुत्तों के जन्म नियंत्रण, नसबंदी और टीकाकरण के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए। अदालत ने यह भी जानकारी मांगी कि राजधानी में कितने डॉग पाउंड और डॉग शेल्टर बनाए गए।
सरकार की ओर से बताया गया कि इस दिशा में काम किया जा रहा है।
इस पर हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा,
"आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा है। हर कोई कह रहा है कि काम हो रहा है, लेकिन हाईकोर्ट परिसर में भी बड़ी संख्या में कुत्ते दिखाई देते हैं। एस ब्लॉक के पास ही कम से कम 10 से 15 कुत्ते दिखते हैं।"
पीठ ने आगे कहा,
"एक ओर कुत्तों से प्रेम करने वाले लोग हैं, दूसरी ओर उनसे परेशान लोग हैं। दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। आम जनता वास्तव में परेशान है। हर दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आती हैं। बंदरों की समस्या तो इससे भी अधिक गंभीर है।"
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से एक दिन पहले पूरी रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाए।
मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले सभी हाईकोर्टों को निर्देश दिया कि वे इस विषय पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करें और अपने-अपने राज्यों में उसके आदेशों के पालन की निगरानी करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि अधिकारी उसके निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो संबंधित हाईकोर्ट अवमानना की कार्यवाही शुरू करने सहित उचित कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को दिए अपने आदेश में शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और ऐसे अन्य सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि इन स्थानों से पकड़े गए कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी स्थान पर दोबारा नहीं छोड़ा जाए।


