काला हिरण फिल्म पर रोक की मांग: सलमान खान की याचिका पर 1 जुलाई को सुनवाई, फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं
Amir Ahmad
19 Jun 2026 3:57 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई 1 जुलाई तक के लिए स्थगित की, जिसमें उन्होंने अपनी कथित जीवन घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। फिलहाल अदालत ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया।
अवकाशकालीन पीठ की जस्टिस मधु जैन ने निर्देश दिया कि याचिका और उससे संबंधित सभी दस्तावेजों की पूर्ण प्रति फिल्म निर्माता पक्ष को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद मामले को 1 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।
सुनवाई के दौरान एक्टर की ओर से पेश एडवोकेट निजाम पाशा ने अदालत को बताया कि फिल्म का पोस्टर और ट्रेलर जारी किया जा चुका है। हालांकि फिल्म की रिलीज की तारीख अभी घोषित नहीं की गई।
एक्टर की ओर से कहा गया कि फिल्म उनके जीवन से जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है और इसके लिए उन्होंने किसी को अनुमति नहीं दी। याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म के माध्यम से उनकी व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों का अवैध उपयोग किया जा रहा है तथा उनसे जुड़ी घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
वहीं फिल्म निर्माताओं की ओर से कहा गया कि उन्हें अभी तक सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उनके वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें केवल आवेदन की प्रति दी गई, मूल वादपत्र नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि फिल्म को लेकर निर्माताओं को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और इस संबंध में FIR भी दर्ज कराई गई।
इसके बाद हाईकोर्ट ने एक्टर को निर्देश दिया कि वह प्रतिवादी पक्ष को वादपत्र सहित सभी दस्तावेजों का पूरा सेट उपलब्ध कराएं। अदालत ने मामले को 1 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया।
बाद में एक्टर के वकील ने दोबारा मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिवादियों को पहले ही दस्तावेज दिए जा चुके हैं और जल्द सुनवाई की आवश्यकता है। हालांकि अदालत ने कहा कि मामला पहले ही जुलाई में सूचीबद्ध किया जा चुका है।
याचिका में दावा किया गया कि फिल्म के प्रचार सामग्री में अभिनेता की ओर स्पष्ट संकेत दिए गए। एक्टर का कहना है कि पोस्टर और ट्रेलर में एक ऐसे व्यक्ति को दिखाया गया, जिसकी शक्ल-सूरत उनसे मिलती-जुलती है और जिसने उनके प्रसिद्ध नीले रंग के कंगन जैसा कंगन पहन रखा है, जो लंबे समय से उनकी पहचान का हिस्सा माना जाता है।
याचिका में यह भी कहा गया कि एक पोस्टर में उस हमशक्ल व्यक्ति को बंदूक के साथ दिखाया गया, जिससे घटनाओं के बारे में भ्रामक संदेश जा सकता है। एक्टर का तर्क है कि यह चित्रण विशेष रूप से आपत्तिजनक है, क्योंकि शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में उन्हें पहले ही बरी किया जा चुका है।
अब मामले पर 1 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट में विस्तृत सुनवाई होगी।

