कॉपीराइट शिकायतों पर हटाई गईं पुलकित मणि की इंस्टाग्राम रील्स बहाल, मेटा समेत प्रतिवादियों को समन
Amir Ahmad
9 Sept 2026 12:30 PM IST

स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि की ओर से कॉपीराइट शिकायतों के आधार पर इंस्टाग्राम से हटाई गईं दो रील्स बहाल कर दी गईं। मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि दोनों रील्स के संबंधित लिंक बहाल कर दिए गए।
इसके बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने मामले में सभी प्रतिवादियों को समन जारी किया और अंतरिम राहत की मांग वाली अर्जी पर नोटिस जारी किया।
पुलकित मणि ने अपनी मूल रचनाओं के खिलाफ अज्ञात लोगों की ओर से की गई कॉपीराइट शिकायतों और उन पर मेटा द्वारा की गई कार्रवाई को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया। उनका आरोप है कि शिकायतों के आधार पर उनकी मूल सामग्री हटाई गई और उनके इंस्टाग्राम पेज '@hunnywhoisfunny' पर कॉपीराइट स्ट्राइक दर्ज की गईं।
मामले में मेटा के अलावा गूगल, व्हाट्सऐप, भारत सरकार के संचार मंत्रालय का दूरसंचार विभाग और माइक्रोसॉफ्ट को भी प्रतिवादी बनाया गया। इसके अलावा कई इंस्टाग्राम अकाउंट्स समेत 10 अज्ञात लोगों को भी प्रतिवादी बनाया गया।
सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से अदालत को बताया गया कि निर्देश मिलने के बाद संबंधित दो लिंक बहाल कर दिए गए हैं। पुलकित मणि के वकील ने इसकी पुष्टि की। मेटा ने अज्ञात प्रतिवादियों में से कुछ के बारे में बुनियादी ग्राहक सूचना और इंटरनेट प्रोटोकॉल लॉग की जानकारी पासवर्ड से सुरक्षित दस्तावेज में उपलब्ध कराने की बात भी कही।
गूगल की ओर से अदालत को बताया गया कि दो अज्ञात प्रतिवादियों से संबंधित बुनियादी ग्राहक सूचना दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी। व्हाट्सऐप ने संबंधित फोन नंबर से जुड़ी बुनियादी ग्राहक सूचना सुरक्षित रखने और उसकी जानकारी तीन सप्ताह में सीलबंद लिफाफे या पासवर्ड से सुरक्षित दस्तावेज के जरिए अदालत में दाखिल करने की बात कही।
पुलकित मणि का कहना है कि उनकी मूल रचनाओं के खिलाफ बार-बार ऐसे कॉपीराइट दावे किए गए, जिनमें शिकायत करने वालों की पहचान और कथित अधिकारों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
मुकदमे के अनुसार, हटाई गई दोनों रील्स उनकी अपनी मूल रचनाएं हैं। पहली रील को उन्होंने मूल वीडियो के निर्माता की जानकारी, भागीदारी और सहमति के साथ स्वतंत्र रूप से तैयार, संपादित और नए क्रम में प्रस्तुत किया। दूसरी रील उनके अपने स्टैंडअप कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें उनके मूल हास्य प्रदर्शन का अंश शामिल है।
याचिका में कहा गया कि संबंधित स्टैंडअप सामग्री पुलकित मणि ने खुद लिखी, तैयार की और दर्शकों के सामने प्रस्तुत की थी। इसके बावजूद, कथित कॉपीराइट धारकों की ओर से स्वामित्व साबित करने वाली पर्याप्त सामग्री नहीं होने के बावजूद मेटा ने शिकायतों को स्वीकार किया, सामग्री हटा दी और उनके पेज पर कॉपीराइट स्ट्राइक दर्ज की।
पुलकित मणि ने इसके बाद मेटा के समक्ष अपील भी की और अपनी रचनाओं पर लेखकत्व तथा उनके पहले प्रकाशित होने से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए। उनका दावा है कि मेटा ने अपील मिलने की पुष्टि तो की, लेकिन उनके द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों पर कोई ठोस या कारणयुक्त फैसला नहीं बताया।
मुकदमे में कॉपीराइट स्ट्राइक को गैरकानूनी घोषित करने और मेटा को इन स्ट्राइक के आधार पर '@hunnywhoisfunny' पेज को निलंबित, बंद, प्रतिबंधित या उसके खिलाफ कोई अन्य प्रतिकूल कार्रवाई करने से स्थायी रूप से रोकने की मांग की गई।
इसके अलावा प्रतिवादियों को कॉपीराइट शिकायतों से संबंधित सभी सूचनाएं, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा अज्ञात प्रतिवादियों की पहचान से जुड़ी जानकारी अदालत के समक्ष उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग भी की गई।
अंतरिम राहत की अर्जी पर अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
फिलहाल अदालत की कार्यवाही के दौरान दो रील्स की बहाली हो चुकी है और मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया।


