बिना तारीख के पुलिस नोटिस पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, कहा- इससे आरोपी पर सहयोग न करने का झूठा आरोप लगाया जा सकता है
Amir Ahmad
5 May 2026 11:31 AM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी द्वारा आरोपी को जांच में शामिल होने के लिए जारी किए गए बिना तारीख वाले नोटिस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे “चौंकाने वाली” प्रक्रिया संबंधी चूक बताया है। अदालत ने कहा कि ऐसे नोटिस का दुरुपयोग कर बाद में आरोपी पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया जा सकता है।
जस्टिस गिरीश कथपालिया इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने पुलिस उत्पीड़न से संरक्षण की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मामले में आरोप जमानती होने के बावजूद पुलिस जमानत बांड स्वीकार नहीं कर रही और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष जांच अधिकारी द्वारा जारी नोटिस पेश किया गया, जिसमें याचिकाकर्ता को जांच में शामिल होने के लिए कहा गया। अदालत ने पाया कि नोटिस में उपस्थित होने का समय तो लिखा गया लेकिन तारीख का कॉलम खाली छोड़ा गया।
इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की,
“यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि बाद में जांच अधिकारी यह न कहे कि नोटिस दिए जाने के बावजूद याचिकाकर्ता जांच में शामिल नहीं हुआ।”
अदालत ने इस चूक को गंभीर मानते हुए आदेश की प्रति संबंधित पुलिस उपायुक्त को भेजने और उचित कार्रवाई कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
गिरफ्तारी के मुद्दे पर जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि फिलहाल याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तार करने का कोई इरादा नहीं है।
इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, बशर्ते वे लिखित नोटिस मिलने पर जांच में शामिल हों।
मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

