नहीं भेजा जाएगा प्राइवेट हॉस्पिटल, इलाज में कमी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI नेता ई. अबूबकर को दी सीमित राहत
Amir Ahmad
31 March 2026 12:48 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI के पूर्व प्रमुख ई. अबूबकर को उनकी पसंद के प्राइवेट हॉस्पिटल में ट्रांसफर करने की मांग खारिज की। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उन्हें दिए जा रहे इलाज में कोई कमी या लापरवाही है।
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि अबूबकर UAPA मामले में आरोपी हैं लेकिन उनकी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए उन्हें उचित मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए।
अदालत ने हालांकि एक सीमित राहत देते हुए निर्देश दिया कि उन्हें इस सप्ताह निर्धारित तिथि पर अपोलो अस्पताल के एंडोक्रिनोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के समक्ष पेश किया जाए, ताकि दूसरी मेडिकल राय ली जा सके।
अदालत ने कहा,
“जांच के बाद तैयार मेडिकल रिपोर्ट की प्रति जेल प्रशासन और याचिकाकर्ता के परिवार को दी जाएगी। साथ ही उनके पुत्र तलाल हसन को जांच के दौरान उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी।”
अबूबकर ने अपनी याचिका में यह भी मांग की थी कि उनके साथ एक पारिवारिक सदस्य को सहायक (अटेंडेंट) के रूप में रहने दिया जाए, क्योंकि वह अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि दिल्ली सशस्त्र पुलिस इलाज में हस्तक्षेप कर सकती है।
अदालत ने इस पर ध्यान देते हुए कहा कि अबूबकर का इलाज पहले से ही DDU अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और एम्स जैसे सरकारी संस्थानों में हो रहा है।
हाईकोर्ट ने कहा,
“एम्स देश का प्रमुख मेडिकल संस्थान है और वह उनकी मेडिकल जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। केवल यह कहना कि कुछ स्टाफ का व्यवहार उचित नहीं था प्राइवेट हॉस्पिटल भेजने का आधार नहीं बन सकता।”
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अबूबकर को जरूरत के अनुसार समय-समय पर सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि उन्हें किसी अस्पताल ले जाया जाता है, तो उनके परिवार को तुरंत सूचना दी जाए और उनके पुत्र को उपस्थित रहने की अनुमति दी जाए।
इसी के साथ हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण किया।

