शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट

Amir Ahmad

8 May 2026 12:23 PM IST

  • शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट

    दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस सांसद शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।

    जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने थरूर की ओर से दायर व्यक्तित्व अधिकार संरक्षण याचिका और अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए कहा, “प्रार्थना पत्र की प्रार्थना 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी' के अनुरूप आदेश पारित किए जाएंगे।”

    थरूर की ओर से सीनियर एडवोकेट अमित सिब्बल ने अदालत को बताया कि मामले में तीन विशेष डीपफेक वीडियो हैं, जिनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने कहा कि कुछ सामग्री हटाई गई लेकिन वह बार-बार नए लिंक के जरिए फिर सामने आ रही है।

    सिब्बल ने कहा,

    “एक सार्वजनिक व्यक्ति के नाम से राजनीतिक रूप से संवेदनशील बयान प्रसारित किए जा रहे हैं। फर्जी वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब की जा रही है। मीडिया के फैक्ट-चेक करने वालों ने भी इन्हें फर्जी बताया है लेकिन जनता अब भी इन्हें असली मान रही है।”

    उन्होंने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव और दिल्ली पुलिस के डीसीपी को भी शिकायत दी थी। कुछ लिंक हटाए गए, लेकिन वही सामग्री अलग-अलग यूआरएल पर दोबारा अपलोड हो गई।

    सिब्बल ने कहा,

    “ये हमेशा अलग-अलग यूआरएल पर आते हैं। वीडियो वही है लेकिन लिंक बदल जाते हैं। मैं जो कहता हूं, उसका महत्व है और इसका असर भारत की छवि पर भी पड़ता है।”

    उन्होंने अदालत को बताया कि कई मीडिया संस्थानों ने भी संबंधित वीडियो की तथ्य जांच कर उन्हें फर्जी पाया है।

    याचिका में सोशल मीडिया मंचों से सभी कथित आपत्तिजनक सामग्री और डीपफेक वीडियो हटाने का निर्देश देने की मांग की गई। साथ ही अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी राहत मांगी गई।

    सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश वकील ने कहा कि वादपत्र में दिए गए इंस्टाग्राम लिंक अब उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, सिब्बल ने कहा कि गुरुवार शाम तक ये लिंक सक्रिय थे। इस पर मेटा के वकील ने बताया कि लिंक शुक्रवार सुबह हटाए गए।

    अदालत ने कहा कि वह एक मानक आदेश पारित करेगी और भविष्य में नए आपत्तिजनक लिंक सामने आने पर याचिकाकर्ता को अदालत आने की स्वतंत्रता रहेगी।

    थरूर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल कर उनके चेहरे, आवाज, बोलने के तरीके और हावभाव की नकल करते हुए बेहद वास्तविक दिखने वाले डीपफेक वीडियो तैयार किए।

    याचिका में कहा गया कि यह सामग्री उनकी देशभक्ति की छवि धूमिल करने जनता की धारणा प्रभावित करने और लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की मंशा से बनाई गई।

    उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोर्ट इससे पहले भी कई चर्चित व्यक्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के आदेश दे चुका है। इनमें अमन गुप्ता, अल्लू अर्जुन, मोहनलाल, सुधीर चौधरी और राज शमानी समेत कई नाम शामिल हैं।

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