दिल्ली हाईकोर्ट ने पर्नोड रिकार्ड की याचिका खारिज की, कहा- ED जांच लंबित होने से कंपनी 'अयोग्य'
Amir Ahmad
29 May 2026 6:03 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने बहुराष्ट्रीय कंपनी पर्नोड रिकार्ड की उस याचिका को खारिज किया, जिसमें शराब लाइसेंस के आवेदन खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी।
अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आपराधिक जांच लंबित होने के कारण कंपनी का आपराधिक पृष्ठभूमि वाला दर्जा बनता है। इसी वजह से वह लाइसेंस पाने के लिए अयोग्य है।
जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि नई दिल्ली नगर नियमों के तहत लंबित आपराधिक जांच भी लाइसेंस देने से इनकार करने के लिए पर्याप्त आधार है।
कंपनी ने दिल्ली के वित्त आयुक्त के 17 फरवरी 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। वित्त आयुक्त ने आबकारी आयुक्त के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें 9 मई 2025 को कंपनी के एल-1 शराब लाइसेंस आवेदन खारिज कर दिए गए।
पर्नोड रिकार्ड की ओर से अदालत में कहा गया कि केवल एक लंबित आपराधिक मामले के आधार पर आवेदन ठुकराना अनुचित है खासकर तब जब अब तक आरोप तय भी नहीं हुए हैं।
कंपनी ने दलील दी कि उसके तीन दशक के “निर्दोष और निष्कलंक कारोबार रिकॉर्ड” को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
याचिका में यह भी कहा गया था कि लाइसेंस खारिज करने का फैसला निर्दोष मानने के सिद्धांत के विपरीत है। कंपनी का तर्क था कि जब तक अदालत किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी साबित न कर दे तब तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने माना कि लाइसेंस संबंधी मामलों में प्रशासनिक प्राधिकरणों को व्यापक अधिकार प्राप्त हैं और लंबित जांच को भी प्रासंगिक आधार माना जा सकता है।
इसी आधार पर अदालत ने पर्नोड रिकार्ड की याचिका खारिज की।

