CHATGPT मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- ANI की सामग्री संग्रहित करना प्रथम दृष्टया कॉपीराइट उल्लंघन नहीं
Amir Ahmad
24 July 2026 5:36 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने समाचार एजेंसी ANI और AI कंपनी OPEN AI के बीच चल रहे कॉपीराइट विवाद में महत्वपूर्ण अंतरिम टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया OPEN AI द्वारा ANI की मूल सामग्री का संग्रह करना कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत कॉपीराइट उल्लंघन नहीं माना जा सकता।
जस्टिस अमित बंसल ने यह टिप्पणी ANI की उस अंतरिम अर्जी को खारिज करते हुए की, जिसमें CHATGPT विकसित करने वाली कंपनी OPENAI के खिलाफ अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई।
अदालत ने कहा,
"प्रथम दृष्टया मेरा मत है कि OPEN AI द्वारा ANI की मूल सामग्री का संग्रह कॉपीराइट अधिनियम की धारा 52(1)(क) के दायरे में आता है, इसलिए यह धारा 51 के तहत कॉपीराइट उल्लंघन नहीं है। साथ ही CHATGPT द्वारा तैयार किए गए उत्तर भी प्रथम दृष्टया कॉपीराइट उल्लंघन नहीं माने जा सकते क्योंकि वे एएनआई की सामग्री से पर्याप्त रूप से समान नहीं हैं।"
कॉपीराइट अधिनियम की धारा 52(1)(क) के तहत निजी उपयोग, शोध, समीक्षा, आलोचना या समसामयिक घटनाओं की रिपोर्टिंग जैसे उद्देश्यों के लिए किसी रचना का उचित उपयोग कॉपीराइट उल्लंघन नहीं माना जाता। वहीं धारा 51 उन परिस्थितियों का उल्लेख करती है, जिन्हें कॉपीराइट उल्लंघन माना जाता है।
ANI ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि OPEN AI उसकी मूल समाचार सामग्री का व्यावसायिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है।
एजेंसी का दावा है कि CHATGPT कई बार यूजर के प्रश्नों के उत्तर में उसकी खबरों को शब्दशः प्रस्तुत करता है। साथ ही CHATGPT ने कई अवसरों पर ऐसे बयान और समाचार भी एएनआई के नाम से जोड़ दिए, जो उसने कभी प्रकाशित नहीं किए।
ANI का कहना है कि इस प्रकार की हैलुसिनेशन उसकी साख को नुकसान पहुंचा सकती है और फर्जी खबरों के प्रसार का कारण बन सकती है।
वहीं OPEN AI ने अदालत में कहा कि उसके AI मॉडल भारत में प्रशिक्षित नहीं किए गए और उसके सर्वर अमेरिका में स्थित हैं।
कंपनी ने यह भी दलील दी कि उसकी मशीन लर्निंग प्रक्रिया परिवर्तनकारी प्रकृति की है। समाचारों में निहित तथ्यों पर कॉपीराइट लागू नहीं होता और यदि कोई समाचार संस्था अपनी सामग्री का उपयोग नहीं चाहती तो वह स्वयं को ब्लॉक सूची में शामिल कराने का अनुरोध कर सकती है।


