NEET विरोध प्रदर्शन पर NIA जांच की मांग वाली याचिका पर कल होगी सुनवाई, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी मंजूरी
Amir Ahmad
23 July 2026 12:47 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित NEET पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को आयोजित संसद चलो मार्च की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति दी।
चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता वरुण कुमार सिन्हा ने मामले का तत्काल उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया।
अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि यह मामला तथाकथित छात्र आंदोलन से जुड़ा है और पूरी दिल्ली को बंधक बना दिया गया है। सड़कें बंद हैं और आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है।
इस पर हाईकोर्ट ने मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी।
यह जनहित याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से दायर की गई।
याचिका में दावा किया गया कि NEET पेपर लीक के विरोध के रूप में शुरू हुआ आंदोलन बाद में राजनीतिक स्वरूप ले गया और इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी रही।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान हिंसा हुई, सार्वजनिक आवागमन बाधित किया गया पत्रकारों पर हमले हुए सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, संसद परिसर की सुरक्षा भंग करने का प्रयास किया गया तथा पुलिसकर्मी घायल हुए।
याचिका में कहा गया कि इन सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि आयोजकों, प्रतिभागियों और किसी भी कथित बाहरी या विदेशी प्रभाव की भूमिका का पता लगाया जा सके।
याचिका में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की आंदोलन में भागीदारी का भी उल्लेख किया गया है। इसमें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों का हवाला देते हुए उनके कथित विदेशी संगठनों से संबंधों और संभावित वित्तीय सहायता की भी जांच कराने की मांग की गई। साथ ही दावा किया गया कि इन पहलुओं की जांच व्यापक घटनाक्रम को समझने के लिए जरूरी है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि यह आंदोलन वास्तव में छात्रों के हितों से जुड़ा नहीं था बल्कि देश को अस्थिर करने की कथित साजिश का हिस्सा" हो सकता है, जिसमें विदेशी तत्वों की भूमिका की जांच आवश्यक है।
इसके अलावा याचिका में अरुंधति रॉय सहित कई राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि उन्होंने आंदोलन को प्रभावित किया और प्रदर्शनकारियों को उकसाया। याचिका में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और चंद्रशेखर आजाद के नाम भी लिए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने मांग की कि 20 जुलाई की घटनाओं से संबंधित दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज सभी FIR की जांच NIA या किसी अन्य विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपी जाए। साथ ही, हिंसा, तोड़फोड़, आपात सेवाओं में बाधा और सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हालांकि, यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि याचिका में लगाए गए ये सभी आरोप फिलहाल केवल याचिकाकर्ता के दावे हैं। इनकी सत्यता पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की।


