दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग को 26 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति, खर्च उठाएगा एम्स: दिल्ली हाईकोर्ट
Amir Ahmad
25 Jun 2026 1:00 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने 15 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को 26 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दी।
अदालत ने कहा कि एम्स द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड ने नाबालिग को प्रक्रिया के लिए मेडिकल रूप से सक्षम बताया।
अवकाशकालीन जस्टिस मिनी पुष्करणा ने बुधवार को यह आदेश पारित करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को गर्भावस्था समाप्त करने की पूरी प्रक्रिया का खर्च वहन करने का निर्देश दिया।
याचिका नाबालिग की ओर से उसके पिता ने दायर की थी। याचिका में कहा गया कि नाबालिग और उसके पिता दोनों गर्भावस्था को जारी नहीं रखना चाहते, क्योंकि इससे बच्ची को गंभीर मानसिक आघात पहुंचेगा। नाबालिग दुष्कर्म की पीड़िता है और गर्भावस्था जारी रहने से उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि नाबालिग संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का सहारा लेते हुए गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति मांग रही है। दलील दी गई कि अनुमति नहीं मिलने पर उसे गंभीर मानसिक क्षति होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत को यह भी बताया गया कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं से जुड़े ऐसे मामलों में न्यायिक अनुमति प्राप्त करने के लिए एक मानक प्रक्रिया पहले से लागू है।
अदालत ने 19 जून को एम्स के मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन किया, जिसमें गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति देने की सिफारिश की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि नाबालिग इस मेडिकल प्रक्रिया के लिए फिट है।
अदालत के पूछने पर राज्य सरकार की ओर से पेश एडवोकेट ने भी कहा कि यदि प्रक्रिया कराई जाती है तो सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलों और मेडिकल बोर्ड की स्पष्ट राय पर विचार करने के बाद हाइकोर्ट ने गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी।
अदालत ने एम्स को यह भी निर्देश दिया कि आपराधिक मामले की जांच और सुनवाई के लिए आवश्यक DNA टेस्ट हेतु गर्भस्थ शिशु के ऊतकों को सुरक्षित रखा जाए।
साथ ही अदालत ने कहा कि यदि प्रक्रिया के दौरान शिशु जीवित जन्म लेता है तो उसे आवश्यक मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद संबंधित प्राधिकरण कानून के अनुसार बच्चे को गोद दिए जाने की प्रक्रिया शुरू करें।

