दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर भुवन बाम की अनधिकृत तस्वीरें हटाने का आदेश दिया, प्रारंभिक स्तर पर 'पर्सनैलिटी राइट्स' पर टिप्पणी से किया इनकार
Amir Ahmad
13 Jan 2026 11:41 AM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जॉन डो आदेश पारित करते हुए यूट्यूबर और एक्टर भुवन बाम की उन तस्वीरों को हटाने या उनका प्रसारण बंद करने का निर्देश दिया, जिनका विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा उनकी अनुमति के बिना उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने मामले की पहली ही सुनवाई में भुवन बाम के 'पर्सनैलिटी राइट्स' को लेकर कोई प्रारंभिक निष्कर्ष देने से इनकार किया।
जस्टिस ज्योति सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक स्तर पर पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर निष्कर्ष देना कठिन है। अदालत ने कहा कि वह अनधिकृत उपयोग से संरक्षण तो दे सकती है, लेकिन पहले दिन ही पर्सनैलिटी राइट्स पर कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि तस्वीरों के दुरुपयोग को देखते हुए संबंधित लिंक हटाए जा सकते हैं, लेकिन पर्सनैलिटी राइट्स पर तत्काल निर्णय देना उचित नहीं होगा।
जज ने यह भी कहा कि उन्होंने इस तरह के अन्य आदेश देखे हैं, लेकिन पहले दिन ही पर्सनैलिटी राइट्स को मान्यता देने वाला निष्कर्ष अनावश्यक है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि अनधिकृत उपयोग के खिलाफ संरक्षण देना अलग बात है, जबकि पर्सनैलिटी राइट्स का निर्धारण एक विस्तृत विचार का विषय है।
कोर्ट ने भुवन बाम द्वारा दायर उस दीवानी वाद में समन जारी किए, जिसमें उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की। साथ ही अंतरिम राहत की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी किया गया। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि मामले में लोकल कमिश्नर नियुक्त किए जाएंगे और विस्तृत दिशा-निर्देश आदेश अपलोड होने के बाद स्पष्ट होंगे।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी को होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की समन्वय पीठों ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, अभिनेता आर. माधवन और एनटीआर जूनियर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए आदेश पारित किए हैं। इसी तरह की एक याचिका अभिनेता सलमान खान द्वारा भी दायर की गई।
इसके अतिरिक्त, अदालत ने 'आर्ट ऑफ लिविंग' के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु एक्टर नागार्जुन, बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन तथा फिल्म निर्माता करण जौहर के पर्सनैलिटी राइट्स की भी रक्षा की है। हाल ही में पत्रकार सुधीर चौधरी के मामले में भी दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक और एआई-जनित वीडियो के संदर्भ में उनके पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की थी।
इसी क्रम में अदालत ने पॉडकास्टर राज शमानी के मामले में भी जॉन डो आदेश पारित करते हुए उनके पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की थी और यह टिप्पणी की थी कि वे भारत में, विशेष रूप से कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में, एक जाना-पहचाना चेहरा हैं।

