CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का मामला, यूथ कांग्रेस की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट कल करेगा सुनवाई
Amir Ahmad
8 Oct 2026 1:37 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई। मामले का उल्लेख गुरुवार को सीनियर एडवोकेट संजय घोष ने एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच के सामने किया।
यह याचिका इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर की। याचिका में दिल्ली पुलिस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने को चुनौती दी गई।
कोर्ट ने कहा कि याचिका को 24 घंटे के भीतर सूचीबद्ध किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो याचिकाकर्ता के वकील शुक्रवार को दोबारा मामले का उल्लेख कर सकते हैं।
याचिका में कहा गया कि पुलिस को शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने की शक्ति को उसे पूरी तरह प्रतिबंधित करने की शक्ति में नहीं बदला जा सकता। इसके लिए प्रत्येक मामले की परिस्थितियों का स्वतंत्र और अनुपातिक आकलन किया जाना जरूरी है।
इंडियन यूथ कांग्रेस ने 25 सितंबर को दिल्ली पुलिस के समक्ष करीब 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया। संगठन ने यह भी आश्वासन दिया कि सुरक्षा, यातायात, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी सभी वैध शर्तों का पालन किया जाएगा।
हालांकि याचिका के अनुसार बार-बार संपर्क करने के बावजूद पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति से इनकार किए जाने की जानकारी 1 अक्टूबर को दी, जो प्रदर्शन के लिए प्रस्तावित पहली तारीख थी।
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 19(1)(b) का हवाला देते हुए कहा गया कि पुलिस ने प्रदर्शन संबंधी दिशानिर्देशों को यांत्रिक तरीके से लागू किया। याचिकाकर्ता का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से सभा करने और अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार पर इस तरह रोक नहीं लगाई जा सकती।
यूथ कांग्रेस ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उन स्थापित फैसलों का भी हवाला दिया, जिनमें शांतिपूर्ण सभा के अधिकार को संरक्षण दिया गया और राज्य को ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगाने के बजाय परिस्थितियों के अनुरूप अनुपातिक तरीके से नियमन करने की आवश्यकता बताई गई।
अब दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगा और यह देखेगा कि प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति से इनकार करने के दिल्ली पुलिस के निर्णय के खिलाफ तत्काल कोई राहत दी जा सकती है या नहीं।

