दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: IIT सीट आवंटन विवाद के बीच स्टूडेंट को JEE एडवांस्ड 2026 में अस्थायी अनुमति
Amir Ahmad
4 May 2026 3:21 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक स्टूडेंट को JEE एडवांस्ड 2026 परीक्षा में अस्थायी रूप से शामिल होने की अनुमति दी। मामला उसकी पात्रता को लेकर उठा विवाद है, जिसमें पूर्व में IIT सीट आवंटित होने के आधार पर उसे अपात्र घोषित किया गया।
जस्टिस जस्मीत सिंह ने आदेश दिया कि स्टूडेंट को प्रवेश पत्र जारी किया जाए और उसे 17 मई को होने वाली JEE एडवांस्ड 2026 परीक्षा में अस्थायी रूप से बैठने दिया जाए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
याचिकाकर्ता ने JEE एडवांस्ड 2026 की पात्रता शर्तों को चुनौती दी थी, जिनके अनुसार जिस अभ्यर्थी ने पहले कभी IIT में एडमिशन स्वीकार किया हो, वह पुनः परीक्षा देने का पात्र नहीं होगा।
रिकॉर्ड के अनुसार स्टूडेंट को वर्ष 2025 में संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत IIT गुवाहाटी में सीट आवंटित हुई थी। अंतिम चरण के बाद सीट स्वीकृत मानी गई, लेकिन स्टूडेंट ने न तो संस्थान में एडमिशन लिया और न ही दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन पूरा किया।
स्टूडेंट का तर्क था कि उसने पाठ्यक्रम ज्वॉइन नहीं किया और एडमिशन प्रक्रिया पूर्ण नहीं की, इसलिए उसे पुनः JEE एडवांस्ड देने की अनुमति मिलनी चाहिए।
वहीं संबंधित प्राधिकरणों ने कहा कि एक बार IIT सीट स्वीकार हो जाने पर अभ्यर्थी अपात्र हो जाता है, चाहे उसने बाद में पाठ्यक्रम ज्वॉइन किया हो या नहीं।
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि स्टूडेंट को फिलहाल परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई तो याचिका निरर्थक हो जाएगी, क्योंकि उसे JEE एडवांस्ड के केवल दो प्रयास ही मिलते हैं और वह वर्ष 2025 में एक अवसर पहले ही उपयोग कर चुका है।
मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।

