स्ट्रीट वेंडरों की समिति न बनाने पर हाईकोर्ट सख्त, दिल्ली सरकार को लगाई फटकार
Amir Ahmad
15 April 2026 5:35 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्ट्रीट वेंडरों के लिए शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान समिति गठित न करने पर दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सरकार की कार्यप्रणाली को “धीमी और अक्षम” बताया।
जस्टिस सचिन दत्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 2024 में स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक समिति का गठन नहीं किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अदालत ने कहा,
“उम्मीद है कि दिल्ली सरकार अधिक दक्षता के साथ कार्य करेगी और आवश्यक नियुक्तियां शीघ्र पूरी करेगी।”
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को तीन सप्ताह के भीतर समिति का गठन करने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो शहरी विकास विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होना होगा।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि समिति गठन का प्रस्ताव पिछले वर्ष सितंबर से लंबित है और हाल ही में इसे दोबारा मंजूरी के लिए भेजा गया।
अदालत ने इस देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक समिति का गठन न होना, वह भी अदालत के आदेश के बावजूद, स्वीकार्य नहीं है।
यह मामला महेश कुमार यादव द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि सरकार ने पहले दिए गए अदालत के आदेश का पालन नहीं किया।
गौरतलब है कि पहले यह समिति 2020 में गठित की गई, जिसका कार्यकाल मार्च, 2025 में समाप्त हो गया। इसके बाद नई समिति के गठन की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्ट्रीट वेंडरों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इस समिति का गठन आवश्यक है। इसमें अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।

