CJP पर पीएम के साथ महिला की कथित आपत्तिजनक तस्वीर बनाने और शेयर करने का आरोप, दिल्ली हाईकोर्ट आज करेगा सुनवाई
Amir Ahmad
25 Sept 2026 1:25 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला की उस याचिका को शुक्रवार को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी, जिसमें उसने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उसकी कथित रूप से छेड़छाड़ की गई तस्वीर बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया।
चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले को शुक्रवार को ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। याचिका का उल्लेख वकील उमेश शर्मा ने किया। उन्होंने अदालत को बताया कि घटना के संबंध में FIR दर्ज की जा चुकी है।
महिला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि CJP के नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर उसकी निजी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की और उसका चेहरा प्रधानमंत्री के साथ एक कथित अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीर पर लगा दिया।
याचिका में आरोप लगाया गया कि कथित रूप से छेड़छाड़ की गई तस्वीर के बैनर छपवाकर बड़ी भीड़ के बीच प्रदर्शित किए गए और आपत्तिजनक तथा अपमानजनक नारे लगाए गए। महिला का यह भी आरोप है कि तस्वीर और उससे जुड़े वीडियो को इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया।
याचिका में यह भी दावा किया गया कि उसकी सहमति के बिना तैयार की गई कथित आपत्तिजनक तस्वीरों को अश्लील वेबसाइटों पर भी डाला और शेयर किया गया।
महिला का कहना है कि FIR दर्ज होने के बावजूद स्थानीय साइबर अधिकारियों ने कथित सामग्री हटाने के लिए अब तक आवश्यक निर्देश जारी नहीं किए। याचिका के अनुसार, इसके चलते कथित छेड़छाड़ की गई सामग्री इंटरनेट पर लगातार शेयर हो रही है।
महिला ने आरोप लगाया कि इंटरनेट पर मौजूद इस सामग्री के कारण उसे लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है और उसके साथ बलात्कार की धमकियां भी दी जा रही हैं। उसने मानसिक उत्पीड़न का भी दावा किया।
याचिका में पुलिस को महिला को सुरक्षा देने का निर्देश देने की मांग की गई। इसके अलावा उसने अधिकारियों से कथित छेड़छाड़ की गई तस्वीरों और अन्य सामग्री को सामाजिक माध्यमों के साथ-साथ उन सभी अश्लील वेबसाइटों से तत्काल खोजकर हटाने, रोकने और प्रसार पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की, जहां इन्हें कथित तौर पर उसकी अनुमति के बिना अपलोड किया गया।

