युवराज सिंह की पहचान के दुरुपयोग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, उल्लंघनकारी कंटेंट हटाने का अंतरिम आदेश

Amir Ahmad

29 July 2026 12:22 PM IST

  • युवराज सिंह की पहचान के दुरुपयोग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, उल्लंघनकारी कंटेंट हटाने का अंतरिम आदेश

    पर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह की ओर से उनके व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उल्लंघनकारी कंटेंट हटाने के अंतरिम आदेश देने की बात कही। अदालत ने कहा कि बिना अनुमति उनके नाम, तस्वीर या अन्य पहचान का व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने वाला कंटेंट हटाया जाएगा।

    जस्टिस ज्योति सिंह ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि वह ऐसे उल्लंघनकारी लिंक हटाने के लिए अंतरिम आदेश पारित करेंगी।

    युवराज सिंह की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कई वेबसाइट और ऑनलाइन प्लटफॉर्म उनकी पहचान का इस्तेमाल कर बिना अनुमति सामान बेच रहे हैं और आर्थिक लाभ कमा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सूची में शामिल दो लिंक पहले ही हटा दिए गए हैं।

    सुनवाई के दौरान एक विवादित पोस्ट का भी उल्लेख किया गया, जिसमें दावा किया गया कि युवराज सिंह ने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उस पर उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।

    इस पर संबंधित प्लेटफॉर्म की ओर से कहा गया कि यह पोस्ट दो वर्ष पुरानी है और यदि कोई शिकायत है तो वह मानहानि का मामला हो सकता है, न कि व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों के उल्लंघन का।

    अदालत ने कहा कि यह पोस्ट दो साल पुरानी है और उसके पूरे रिकॉर्ड या टिप्पणियों का विवरण याचिका के साथ पेश नहीं किया गया। इसलिए फिलहाल उस पोस्ट को हटाने का कोई आदेश नहीं दिया जाएगा और इस पहलू पर बाद में विचार किया जाएगा।

    हाईकोर्ट ने कहा कि सबसे पहले संबंधित सामग्री अपलोड करने वालों को 48 घंटे के भीतर उसे हटाने का अवसर दिया जाएगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो याचिकाकर्ता संबंधित मध्यस्थ मंचों से संपर्क कर सकेंगे और उसके बाद उन मंचों को 36 घंटे के भीतर सामग्री हटानी होगी। अदालत ने यह भी कहा कि सामग्री अपलोड करने वालों की भी जिम्मेदारी तय होती है।

    अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल याचिका में शामिल लिंक के संबंध में ही हटाने का आदेश दिया जाएगा। यदि भविष्य में नए उल्लंघनकारी लिंक सामने आते हैं तो युवराज सिंह अलग आवेदन दाखिल कर सकेंगे और आवश्यकता होने पर अंतरिम रोक का दायरा बढ़ाया जाएगा।

    हाईकोर्ट ने याचिका को नियमित वाद के रूप में दर्ज करते हुए अंतरिम रोक संबंधी आवेदन पर नोटिस जारी किया। संबंधित मध्यस्थ मंचों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया, जबकि अनुपालन संबंधी शपथपत्र तीन सप्ताह के भीतर दाखिल करना होगा।

    मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।

    पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

    Next Story