डेटा संरक्षण कानून की वैधता को चुनौती, दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
Amir Ahmad
19 Feb 2026 2:34 PM IST

दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को डिजिटल निजी डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की विभिन्न धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। याचिका में कहा गया कि संबंधित प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(क) और 21 का उल्लंघन करते हैं।
चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने एडवोकेट डॉ. चंद्रेश जैन द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।
याचिका में डिजिटल निजी डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धाराएं 17 से 21, 23, 29, 33, 34, 36, 37, 39, 40, 44 और अनुसूची के प्रावधानों को चुनौती दी गई। साथ ही वर्ष 2025 के डिजिटल निजी डेटा संरक्षण नियमों की धाराएं 17 से 23 को भी असंवैधानिक बताया गया।
याचिका में कहा गया कि विवादित प्रावधान नागरिकों, मीडिया संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और मध्यस्थों पर भारी दायित्व डालते हैं जबकि आवश्यक सुरक्षा उपायों और न्यायिक निगरानी को कमजोर करते हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि ये प्रावधान सामूहिक रूप से समानता, निजता, सूचनात्मक स्वायत्तता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रक्रिया संबंधी निष्पक्षता जैसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। साथ ही ये शक्तियों के पृथक्करण और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक सिद्धांतों के भी विपरीत हैं।
याचिका में कहा गया कि सदस्यों की नियुक्ति कार्यकाल और सेवा शर्तों में न्यायपालिका की भूमिका को कमजोर कर इन प्रावधानों ने संविधान की मूल संरचना का अतिक्रमण किया और अनुच्छेद 14, 19, 21 और 50 के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के बाध्यकारी निर्णयों का भी उल्लंघन किया।
याचिका में आगे कहा गया कि विवादित प्रावधान केवल वैधानिक मानकों का उल्लंघन नहीं करते बल्कि मानवाधिकार न्यायशास्त्र, संवैधानिक रूप से प्रदत्त स्वतंत्रताओं और स्वतंत्र समाज के लोकतांत्रिक वादे के मूल पर आघात करते हैं।”
याचिका में प्रेस की स्वतंत्रता, स्रोत की गोपनीयता और पत्रकारिता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव का भी मुद्दा उठाया गया।
इसमें कहा गया,
“यह याचिका प्रेस की स्वतंत्रता और स्रोत संरक्षण के उल्लंघन को भी चुनौती देती है। अतः यह प्रत्येक भारतीय नागरिक की डिजिटल व्यक्तित्व की रक्षा के लिए दायर मानवाधिकार याचिका है।”
मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में निर्धारित की गई।

