जस्टिस स्वर्णकांता को केस से हटाने का मामला: हाईकोर्ट ने केजरीवाल का नया हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया, कहा- मामला दोबारा नहीं खुलेगा

Amir Ahmad

16 April 2026 4:46 PM IST

  • जस्टिस स्वर्णकांता को केस से हटाने का मामला: हाईकोर्ट ने केजरीवाल का नया हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया, कहा- मामला दोबारा नहीं खुलेगा

    दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी (AAP) पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति दी, जिसमें जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ पक्षपात की आशंका जताई गई।

    केजरीवाल ने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होकर अनुरोध किया कि उनका हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया जाए। उन्होंने जस्टिस शर्मा से मामले की सुनवाई से अलग होने (रिक्यूजल) की मांग की है। यह मामला शराब नीति से जुड़े केस में CBI की उस याचिका से संबंधित है, जिसमें आरोपियों को मिली राहत को चुनौती दी गई।

    कोर्ट ने कहा,

    “हम इसे रिकॉर्ड पर ले रहे हैं, रजिस्ट्री इसे दर्ज करे। हालांकि, मामला पहले ही सुरक्षित रखा जा चुका है और इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा।”

    हलफनामे में केजरीवाल ने दावा किया कि जस्टिस शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के पैनल वकील हैं। उन्हें काम सॉलिसिटर जनरल द्वारा दिया जाता है। चूंकि इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता CBI की ओर से पेश हो रहे हैं इसलिए इससे पक्षपात की आशंका पैदा होती है।

    इससे पहले 13 अप्रैल को जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल और अन्य आरोपियों की उस अर्जी पर आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उनसे खुद को मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग की गई।

    केजरीवाल का कहना है कि न्यायिक परंपराओं के अनुसार यदि किसी जज के परिजन का किसी पक्ष से पेशेवर संबंध हो, तो जज को खुद को मामले से अलग कर लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सॉलिसिटर जनरल को इस संबंध का खुलासा शुरुआत में ही करना चाहिए था।

    वहीं CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने इस हलफनामे पर जवाब दाखिल किया।

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